अखिलेश के बयान पर सियासी घमासान, भाजपा बोली-सपा में नहीं दिखते लोहिया के आदर्श
लखनऊ, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान को लेकर सियासत तेज हो गई। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी और विधायक राजेश चौधरी ने सपा पर डॉ. राम मनोहर लोहिया के आदर्शों से भटकने और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2027 में हार का दावा किया।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, "आज समाजवादी पार्टी में डॉ. राम मनोहर लोहिया के आदर्श कहां नजर आते हैं? डॉ. लोहिया हमेशा रामायण मेलों के आयोजन की वकालत करते थे, लेकिन समाजवादी पार्टी ने बार-बार भगवान राम का अलग-अलग तरीकों से अपमान करने का काम किया है।"
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को यह एहसास हो गया है कि 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव उसके पक्ष में नहीं जा सकता है। उसने राज्यसभा चुनाव के दौरान भी देखा कि अगर तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारा गया होता, तो पार्टी में बड़ी टूट हो सकती थी और पार्टी उत्तर प्रदेश में चुनाव नहीं जीत सकती है।
वहीं, भाजपा विधायक राजेश चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव के विचारों का डॉ. राम मनोहर लोहिया की विचारधारा से कोई लेना-देना नहीं है। डॉ. राम मनोहर लोहिया सामाजिक समरसता की बात करते थे, जबकि अखिलेश यादव पीडीए और सबको साथ लेकर चलने की बात करते हैं, लेकिन उनके कार्यों में वह दृष्टिकोण नजर नहीं आता।
वहीं, ज्ञानेश कुमार और एसआईआर को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भाजपा विधायक ने कहा कि जब भी वे चुनाव जीतते हैं, तो चुनाव आयोग ठीक रहता है, लेकिन जब भी वे हारते हैं, तो वे आयोग में खामियां ढूंढने लगते हैं। उन्होंने 2024 में एक बार भी ये मुद्दे नहीं उठाए। जब वे जीतते हैं तो सब ठीक रहता है, लेकिन जब हारते हैं तो ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगते हैं। यह उनके दोहरे मापदंड को दर्शाता है।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा, "समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव विपक्षी सांसदों के विरोध मार्च में शामिल हुए। समाजवादी पार्टी का मानना है कि सभी विपक्षी नेता एकजुट हैं और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर एक साथ खड़े हैं। जब हम डॉ. राम मनोहर लोहिया को याद कर रहे हैं और उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं, आज पूरा विपक्ष सड़कों पर है। भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है।"
उन्होंने कहा कि जिस तरह भारतीय जनता पार्टी पुलिस बल का इस्तेमाल कर विरोध प्रदर्शनों को दबा रही है, वह निंदनीय है। लोकतंत्र में इस तरह की कार्रवाइयों के लिए कोई जगह नहीं है।
--आईएएनएस
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