अजमेर दरगाह को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सराहनीय: सलमान चिश्ती
अजमेर, 5 जनवरी (आईएएनएस)। चिश्ती फाउंडेशन के चेयरमैन हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अजमेर शरीफ में पीएम मोदी की चादर चढ़ाने की इजाजत को रोकने वाली याचिका को खारिज करने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि नफरत फैलाने वाले इस तरह की बेवजह याचिका लगाते हैं, और कोर्ट ने सही किया कि याचिका खारिज कर दी।
अजमेर में चिश्ती फाउंडेशन के चेयरमैन हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि मैं सबसे पहले देश के लोगों को नए साल 2026 की शुभकामनाएं देना चाहता हूं। आज सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक आदेश दिया है। इस बार भी उर्स पर शांति के संदेश दिए गए हैं। लगभग 10 लाख लोगों ने उर्स उत्सव में हिस्सा लिया। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने भी 'चादर' चढ़ाई। केंद्र सरकार, कैबिनेट, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और पीएम की तरफ से पूरे भारत की आध्यात्मिक विरासतों के बारे में एक आध्यात्मिक संदेश दिया गया। हम उनके आभारी हैं। हम सुप्रीम कोर्ट के भी आभारी हैं, जिसने यह फैसला दिया और इस धोखाधड़ी वाली याचिका को खारिज कर दिया, जो सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी ताकि उस पवित्र परंपरा को रोका जा सके
उन्होंने कहा कि दरगाह अजमेर शरीफ के संत का सम्मान करती है। हम सुप्रीम कोर्ट की सराहना करते हैं और धन्यवाद देते हैं कि उसने भारतीयों की आवाज को बनाए रखा। इस उर्स के दौरान सभी धर्मों के लोग मौजूद थे, और गणमान्य व्यक्तियों ने 'चादर' चढ़ाई। हम जांच एजेंसियों से अपील करते हैं कि इन असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें जो न्यायपालिका का इस्तेमाल करके देश में अराजकता फैलाने की कोशिश करते हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, और यह जांच होनी चाहिए कि उन्हें फंडिंग कैसे मिलती है और कौन उनका समर्थन करता है।
उन्होंने कहा कि अजमेर शरीफ दरगाह पूरी तरह से एक आध्यात्मिक जगह है, जहां सभी धर्मों के लोग प्यार और सद्भाव के साथ एक साथ आते हैं। देश के सभी प्रधानमंत्रियों ने यहां से शांति का संदेश भेजा है। इसी परंपरा में, 2014 से अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दरगाह में चादर भेजते रहे हैं और शांति का संदेश देते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की ओर से हर साल जो चादर यहां आती थी, उसे रोकने के लिए याचिका दाखिल की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया है। इस फैसले ने दिखाया है कि नफरत की कोई जगह नहीं है।
--आईएएनएस
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