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अजय आलोक ने प्रशांत किशोर को 2030 में फिर से बांकीपुर सीट से चुनाव लड़ने की दी चुनौती

पटना, 13 अगस्त (आईएएनएस)। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की ओर से बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जिम्मेदार ठहराए जाने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पलटवार किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने प्रशांत किशोर पर जोरदार हमला बोलते हुए उन्हें ‘प्रखर कुटिल महोदय’ बताया और कहा कि भाजपा कांग्रेस की तरह मुख्यमंत्री के इशारे पर चुनाव हारने या जिताने वाली पार्टी नहीं है।
 

पटना, 13 अगस्त (आईएएनएस)। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की ओर से बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जिम्मेदार ठहराए जाने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पलटवार किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने प्रशांत किशोर पर जोरदार हमला बोलते हुए उन्हें ‘प्रखर कुटिल महोदय’ बताया और कहा कि भाजपा कांग्रेस की तरह मुख्यमंत्री के इशारे पर चुनाव हारने या जिताने वाली पार्टी नहीं है।

अजय आलोक ने कहा कि प्रशांत किशोर को पहले भाजपा की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझना चाहिए। उन्होंने कहा, ''यह कांग्रेस का राज नहीं है, जहां मुख्यमंत्री के कारण चुनाव जीते या हार जाते हैं। यह भारतीय जनता पार्टी है। लोकतांत्रिक विचारों में हमारा विश्वास है।''

उन्होंने प्रशांत किशोर पर कांग्रेस के लिए राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें बिहार की चिंता करने के बजाय कांग्रेस की 'दलाली' करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर तेलंगाना और कर्नाटक में गए थे और अब बिहार के चक्कर में पड़े हैं।

अजय आलोक ने तंज कसते हुए कहा कि बांकीपुर और बिहार की राजनीति में उनकी दिलचस्पी केवल एक चुनाव तक सीमित नहीं होनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता ने प्रशांत किशोर को वर्ष 2030 के विधानसभा चुनाव में फिर से बांकीपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर प्रशांत किशोर को अपनी जीत और राजनीतिक पकड़ पर भरोसा है तो उन्हें घोषणा करनी चाहिए कि वह 2030 में एक बार फिर बांकीपुर से चुनाव मैदान में उतरेंगे।

अजय आलोक ने कहा कि भाजपा में मुख्यमंत्री किसी उम्मीदवार को जानबूझकर हराने की राजनीति नहीं करता। अजय आलोक ने दावा किया कि यदि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी चाहते तो भाजपा का खाता एक भी बूथ पर नहीं खुलता, लेकिन भाजपा में इस तरह की राजनीतिक संस्कृति नहीं है।

दरअसल, प्रशांत किशोर ने हाल ही में एक साक्षात्कार में बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की हार के कारणों पर अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि इस चुनाव में जेन-जी के विरोध प्रदर्शन का कोई खास असर नहीं पड़ा और भाजपा स्थानीय कारणों से चुनाव हारी। प्रशांत किशोर ने कहा था कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एनडीए के चेहरे के तौर पर सभी लोग स्वीकार नहीं करते। उन्होंने इसके पीछे सम्राट चौधरी का राजनीतिक ट्रैक रिकॉर्ड और शैक्षणिक योग्यता समेत कई कारण बताए थे।

उन्होंने कहा था कि अगर उनसे पूछा जाए कि भाजपा की हार की सबसे बड़ी वजह क्या रही, तो वह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जिम्मेदार मानेंगे। प्रशांत किशोर ने यह भी कहा था कि पहले बांकीपुर में लोग राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के खिलाफ भाजपा के पक्ष में मतदान करते थे, लेकिन इस बार मतदाताओं को जन सुराज पार्टी और प्रशांत किशोर के रूप में एक भरोसेमंद विकल्प दिखाई दिया। इसी कारण भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा।

--आईएएनएस

एमएनपी/एसके