एआईटीसी के बैंक खातों से जुड़े फंड मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 440 करोड़ रुपए फ्रीज
कोलकाता, 8 जुलाई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता जोनल ऑफिस ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) 2002 के तहत एविएशन (विमानन) सेक्टर में काम करने वाली 'केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज' से जुड़ी पांच जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान, पीएमएलए, 2002 की धारा 17 (1-ए) के तहत एआईटीसी के 3 एचडीएफसी बैंक खातों में मौजूद 440.42 करोड़ रुपए की राशि को फ्रीज कर दिया गया।
यह तलाशी अभियान पीएमएलए, 2002 के तहत एक जांच के सिलसिले में चलाया गया था। यह जांच पश्चिम बंगाल के बिधाननगर की साइबर पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित थी, जिसमें कथित तौर पर बेईमानी से किए गए वित्तीय लेन-देन, गैर-कानूनी तरीके से पैसे इकट्ठा करने और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) के कुछ बैंक खातों के जरिए संदिग्ध राशि को इधर-उधर करने का मामला शामिल था।
जांच से पता चला कि एआईटीसी के बैंक खातों से केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनी को लगभग 160 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए थे। यह ज्यादातर अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच हुआ। आगे यह भी पता चला कि केयरवेल एविएशन प्राइवेट लिमिटेड ने 2023 से 2026 के दौरान एक नई बनी हुई संबंधित कंपनी को 82.96 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए ताकि 'एम्ब्रेयर लिगेसी 600' एयरक्राफ्ट और 'अगस्ता 109 ग्रैंड न्यू' हेलिकॉप्टर खरीदा जा सके।
इन खरीद के लिए कुल 112 करोड़ रुपए का इस्तेमाल किया गया था। ईडी को आगे की जांच में यह भी पता चला कि हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए 2023 में केमैन आइलैंड्स की एक कंपनी से 1.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनसिक्योर्ड लोन (बिना गारंटी वाला लोन) लिया गया था।
इन 'एम्ब्रेयर लिगेसी 600' एयरक्राफ्ट और 'अगस्ता' हेलिकॉप्टर को बाद में खुद एआईटीसी को ही किराए पर दे दिया गया, जबकि इन्हें एआईटीसी के ही फंड से खरीदा गया था। इसके बाद, एयरक्राफ्ट के इस्तेमाल के नाम पर बड़ी रकम ट्रांसफर की गई। वहीं, मामले को लेकर ईडी की ओर से लेन-देन के असली और फायदेमंद मकसद का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
--आईएएनएस
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