एआईएमडब्ल्यूपीएलबी ने महिला आरक्षण को बताया स्वागतयोग्य कदम, कहा- समुदाय नहीं बल्कि योग्यता के आधार पर मिले मौका
अलीगढ़, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्र सरकार 'महिला आरक्षण बिल' को लाने की तैयारी में है, जिसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इस बीच ऑल इंडिया मुस्लिम वीमेन पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमडब्ल्यूपीएलबी) की संस्थापक अध्यक्ष शाइस्ता अम्बर ने महिला आरक्षण को स्वागतयोग्य कदम बताया।
शाइस्ता अम्बर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "महिला आरक्षण कई सालों से चल रहा है। हिंदुस्तान की आजादी से अब तक यह लागू नहीं हुआ है। महिला आरक्षण को लेकर अगर संसद में बहस हो रही है और प्रस्ताव पास हो रहा है तो सभी राजनीतिक पार्टियों को निष्पक्ष होकर ईमानदारी से किसी भी समुदाय या वर्ग को लेकर नहीं, बल्कि योग्य महिलाओं को जिन्हें तुजुर्बा है, उन्हें मौका मिलना चाहिए।"
एआईएमडब्ल्यूपीएलबी अध्यक्ष ने कहा, "ग्राम पंचायत से लेकर हिंदुस्तान की हर पंचायत में उनकी भागीदारी होनी चाहिए। अगर देखा जाए, तो हम आधी आबादी हैं। उस हिसाब से हमें 50 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो 33 प्रतिशत तो सुनिश्चित हो। इसमें परिवारवाद नहीं होना चाहिए कि अगर सांसद पति है तो आप आंकड़े पूरे करने के लिए अपने घर के किसी भी रिश्तेदार को सीट पर बैठा दें और आंकड़े पूरे कर दें। जाति-पात से ऊपर उठकर उदारवादी होकर न्यायप्रिय तरीके से महिला आरक्षण होना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "महिला आरक्षण को सभी पार्टियां सर्वसम्मति से पास करें और प्रशासनिक अधिकारियों में कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका में महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए। जो सरकारी और गैर सरकार संस्थाएं हैं, उनमें भी महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए। योग्यता के आधार पर जो सड़क पर संघर्ष कर चुकी हैं, उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।"
शाइस्ता अम्बर ने कहा, "देश की योजनाओं को लागू करने के लिए महिलाएं सबसे ज्यादा शिक्षित, योग्य और स्वाभिमानी होती हैं। वह ईमानदारी से कार्य करेंगी। पुरुष समाज महिलाओं को हौसला दें। महिलाओं के साथ किसी भी तरह की घरेलू हिंसा होती है तो यह अप्रिय होगी। देश की हर संस्था महिलाओं को आरक्षण में शामिल करें और उनकी योग्यता को काम में लाएं।"
--आईएएनएस
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