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अहमदाबाद में आधुनिक सुविधाओं से लैस सरकारी स्कूल बने पहली पसंद, प्राइवेट स्कूल छोड़कर लिया एडमिशन

अहमदाबाद, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। अत्याधुनिक शिक्षा सुविधाओं से लैस अहमदाबाद की थलतेज प्राथमिक शाला-2 को देखर साफ पता चल रहा है कि बच्चों की एजुकेशन को लेकर गुजरात सरकार कितनी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार के इन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि पूरे राज्य में अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला प्राइवेट स्कूल की जगह अब सरकारी स्कूलों में करा रहे हैं।
 

अहमदाबाद, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। अत्याधुनिक शिक्षा सुविधाओं से लैस अहमदाबाद की थलतेज प्राथमिक शाला-2 को देखर साफ पता चल रहा है कि बच्चों की एजुकेशन को लेकर गुजरात सरकार कितनी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार के इन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि पूरे राज्य में अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला प्राइवेट स्कूल की जगह अब सरकारी स्कूलों में करा रहे हैं।

अहमदाबाद जिले में ही साल 2025-26 के दौरान 4,817 स्टूडेंट्स ने प्राइवेट स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में एडमिशन लिया है। बच्चों को आज स्मार्ट क्लासरूम से लेकर डिजिटल लर्निंग तक, साइंस लैब से लेकर लाइब्रेरी तक और भोजन से लेकर स्पोर्ट्स तक सभी सुविधाएं सरकारी स्कूल में मिल रही हैं।

छात्रा ऐंजल दुबे ने कहा कि यहां साइंस लैब है। साइंस लैब में हमारे लिए कुछ मॉडल्स भी बनाए गए हैं। इनसे हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। छात्र वंश चौहान ने कहा कि यहां बहुत अच्छी पढ़ाई होती है और बहुत अच्छी सुविधाएं हैं। यहां एक साइंस लैब, मैथ्स लैब, फ्यूचर लैब और रोबोटिक लैब हैं।

गुजरात के बदलते सरकारी एजुकेशन सिस्टम और मॉडर्न एजुकेशन फैसिलिटीज से अभिभावक भी खासे उत्साहित हैं। अभिभावक सुंदराबेन ने कहा कि इस स्कूल में एक बड़ा मैदान है, स्पोर्ट्स का सामान है, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स हैं। इस स्कूल में बच्चों को सुबह दूध दिया जाता है, फिर नाश्ता दिया जाता है और खाना भी बहुत अच्छा मिलता है।

सरकार की नई शिक्षा नीति के मुताबिक स्कूल में साइंस से लेकर रोबोटिक लैब तक स्थापित की गई हैं। साथ ही बच्चों के लिए बेहतरीन स्पोर्ट्स फैसिलिटीज भी विकसित की गई हैं, ताकि शिक्षा के साथ उनका शारीरिक और मानसिक विकास भी अच्छी तरह से हो सके।

थलतेज प्राथमिक स्कूल-2 के प्रिंसिपल चिराग जोशी ने कहा कि गूगल फीचर क्लासरूम्स स्मार्ट लाइब्रेरी गणित-विज्ञान की लैब और रोबोटिक्स लैब ये सभी सुविधाएं इस विद्यालय में उपलब्ध हैं। सभी कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से शिक्षण कार्य कराया जाता है।

दरअसल, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में ‘मिशन स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ जैसी पहलों के जरिए सरकारी स्कूलों में क्वालिटी और मॉडर्न एजुकेशन को प्राथमिकता दी जा रही है। यही वजह है कि आज अहमदाबाद जिले के सरकारी विद्यालय प्राइवेट स्कूलों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।

शिक्षा विभाग में प्रशासनिक अधिकारी डॉ. एल डी देसाई ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों का अहमदाबाद शहर के प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूलों से लीविंग सर्टिफिकेट लेकर नगर निगम के सरकारी स्कूलों में दाखिला करा रहे हैं। पिछले 11 वर्षों में 60,000 से अधिक बच्चों ने अहमदाबाद शहर के बड़े प्राइवेट स्कूलों को छोड़कर कॉर्पोरेशन के सरकारी स्कूलों में एडमिशन लिया है।

अहमदाबाद जिले के सरकारी स्कूलों ने दिखा दिया है कि अगर नीति और नीयत सही हो तो एजुकेशन सेक्टर में बदलाव संभव है। आज गुजरात के सरकारी स्कूलों में सिर्फ एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर ही सशक्त नहीं हुआ है, बल्कि वे स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के भरोसे के साथ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला निर्मित करने के केंद्र भी बन गए हैं।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी