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अगले हफ्ते दुनिया की नजर रहेगी दो बड़े घटनाक्रमों पर, यूएनजीए बैठक और ट्रंप-शी मुलाकात अहम

नई दिल्ली, 20 सितंबर (आईएएनएस)। आगामी सप्ताह वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। दुनिया की नजर मुख्य रूप से दो बड़े घटनाक्रमों पर होगी। पहला, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र का हाई-लेवल वीक। भारत के लिए भी ये काफी मायने रखता है कि क्योंकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर 26 सितंबर को देश की बात पटल पर रखेंगे। दूसरा, वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अहम मुलाकात, जो 24 सितंबर को प्रस्तावित है।
 

नई दिल्ली, 20 सितंबर (आईएएनएस)। आगामी सप्ताह वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। दुनिया की नजर मुख्य रूप से दो बड़े घटनाक्रमों पर होगी। पहला, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र का हाई-लेवल वीक। भारत के लिए भी ये काफी मायने रखता है कि क्योंकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर 26 सितंबर को देश की बात पटल पर रखेंगे। दूसरा, वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अहम मुलाकात, जो 24 सितंबर को प्रस्तावित है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा का हाई-लेवल वीक 22 से 29 सितंबर तक चलेगा, जबकि आम बहस 22 से 26 सितंबर और फिर 28 सितंबर को होगी। इस दौरान दुनिया के कई देशों के शीर्ष नेता और वरिष्ठ प्रतिनिधि वैश्विक शांति, सुरक्षा, आर्थिक चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन, महामारी से निपटने और परमाणु हथियारों जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे।

भारत के लिए इस सप्ताह का खास महत्व इसलिए है क्योंकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर 26 सितंबर की दोपहर संयुक्त राष्ट्र महासभा की आम बहस में भारत का पक्ष रखेंगे। संशोधित वक्ताओं की सूची में उनका नाम शामिल किया गया है। यह संबोधन ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया कई भू-राजनीतिक संघर्षों, आर्थिक दबावों और ऊर्जा एवं खाद्य कीमतों से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है।

इस बार यूएनजीए में समुद्र के बढ़ते जलस्तर से पैदा हो रहे अस्तित्वगत खतरे, जलवायु कार्रवाई, महामारी की रोकथाम और परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन जैसे मुद्दे भी प्रमुख चर्चा में रहेंगे। संयुक्त राष्ट्र के मौजूदा महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के दूसरे कार्यकाल का भी यह आखिरी हाई-लेवल यूएनजीए होगा, क्योंकि उनका कार्यकाल दिसंबर में समाप्त हो रहा है।

इसी सप्ताह दुनिया की निगाहें वाशिंगटन पर भी रहेंगी, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 24 सितंबर को मुलाकात करने वाले हैं। यह दोनों नेताओं की इस साल की दूसरी शिखर बैठक होगी। शी का अमेरिका दौरा एक दशक से अधिक समय में किसी चीनी राष्ट्रपति की पहली स्टेट विजिट भी है।

ट्रंप-शी वार्ता में व्यापार और टैरिफ के साथ-साथ दुर्लभ खनिज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीकी प्रतिबंध और ताइवान जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण रह सकते हैं। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव कम करने के लिए बनी अस्थायी व्यवस्था भी नवंबर में समाप्त होने वाली है, इसलिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत का आर्थिक महत्व खासा है।

बैठक से पहले ही दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बातचीत शुरू हो चुकी है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट और चीन के उप-प्रधानमंत्री हे लाइफेंग के बीच 20 सितंबर को न्यूयॉर्क में बातचीत हो रही है। इसमें एआई, व्यापार, टैरिफ और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति जैसे मुद्दे शामिल हैं। यह वार्ता ट्रंप-शी शिखर बैठक की जमीन तैयार करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

न्यूयॉर्क में भारत समेत दुनिया के देश संयुक्त राष्ट्र के मंच से अपने रुख सामने रखेंगे तो वाशिंगटन में अमेरिका और चीन के शीर्ष नेता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार, तकनीक और रणनीतिक संबंधों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करेंगे। दोनों घटनाक्रमों के परिणामों पर भारत समेत पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

--आईएएनएस

केआर/