अगर संसद युवाओं के भविष्य पर चर्चा नहीं कर सकती, तो फिर उसका उद्देश्य क्या: राहुल गांधी
नई दिल्ली, 21 जुलाई (आईएएनएस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्रों पर हुई कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के एजुकेशन और टेस्टिंग सिस्टम पूरी तरह टूट चुका है और उसे अंदर से खोखला कर दिया गया है।
राहुल गांधी ने कहा, "हम स्पीकर के पास गए और कहा कि हम छात्रों के मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं। स्पीकर ने कहा कि इस पर चर्चा कराने के लिए सरकार से बात करनी होगी।"
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सोमवार को नई दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ हुई घटना के बाद भी प्रधानमंत्री ने अब तक माफी नहीं मांगी है।
राहुल गांधी ने कहा, "सोमवार को जो हुआ, उसके लिए पीएम मोदी ने माफी तक नहीं मांगी। युवा शिक्षा और परीक्षा प्रणाली के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। पूरा देश जानता है कि शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को दीमक की तरह खोखला कर दिया गया है। प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं? उन्हें छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और यह सब बंद करवाना चाहिए।"
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने विपक्षी सांसदों के साथ लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की और संसद में छात्रों के साथ हुई बर्बरता तथा पेपर लीक मामले पर सरकार की जवाबदेही तय करने के लिए विस्तृत चर्चा की मांग की।
उन्होंने पोस्ट में लिखा कि छात्रों ने अपने भविष्य से जुड़े जायज सवाल उठाए थे, लेकिन उन्हें जवाब देने के बजाय उनके साथ मारपीट की गई। राहुल गांधी ने सवाल उठाया, "अगर संसद भारत के युवाओं के भविष्य पर चर्चा नहीं कर सकती, तो फिर संसद का उद्देश्य क्या है?"
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को दबने नहीं देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की आवाज सिर्फ सड़कों पर ही नहीं, बल्कि संसद के भीतर भी मजबूती से उठाई जाएगी।
--आईएएनएस
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