Aapka Rajasthan

एएफआई ने एथलीट स्पॉन्सरशिप के लिए 'जरूरी मंजूरी' नियम पर सफाई दी

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) ने बुधवार को खिलाड़ियों के स्पॉन्सरशिप समझौतों के लिए पहले से अनुमति अनिवार्य करने के अपने फैसले को स्पष्ट किया। फेडरेशन का कहना है कि यह कदम खिलाड़ियों और स्पॉन्सर्स, दोनों के हितों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। एएफआई के अनुसार, उनकी लीगल टीम खिलाड़ियों को संभावित जोखिमों और कानूनी जटिलताओं से बचने के लिए सलाह देगी, ताकि वे किसी भी अनुबंध में बिना पूरी जानकारी के न फंसें।
 
एएफआई ने एथलीट स्पॉन्सरशिप के लिए 'जरूरी मंजूरी' नियम पर सफाई दी

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) ने बुधवार को खिलाड़ियों के स्पॉन्सरशिप समझौतों के लिए पहले से अनुमति अनिवार्य करने के अपने फैसले को स्पष्ट किया। फेडरेशन का कहना है कि यह कदम खिलाड़ियों और स्पॉन्सर्स, दोनों के हितों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। एएफआई के अनुसार, उनकी लीगल टीम खिलाड़ियों को संभावित जोखिमों और कानूनी जटिलताओं से बचने के लिए सलाह देगी, ताकि वे किसी भी अनुबंध में बिना पूरी जानकारी के न फंसें।

उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते एएफआई ने यह नियम लागू किया था, जिसके तहत अब किसी भी खिलाड़ी को किसी स्पॉन्सर या थर्ड पार्टी के साथ समझौता करने से पहले फेडरेशन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

एक बयान में फेडरेशन ने कहा, "एएफआई को अपने हालिया फैसले पर मिली प्रतिक्रिया के बारे में जानकारी है, जिसमें एथलीट्स के लिए किसी तीसरे पक्ष के साथ समझौता करने से पहले फेडरेशन से मंजूरी लेना जरूरी किया गया है। यह सोच-समझकर लिया गया फैसला कुछ स्पॉन्सर की ओर से एएफआई का ध्यान इस ओर खींचने के बाद आया है। हम चाहते हैं कि एथलीट कॉन्ट्रैक्ट साइन करने में उलझने के बजाय अपनी ट्रेनिंग और मुकाबले पर ध्यान दें।"

एएफआई ने यह भी कहा कि वह एथलीट्स के एंडोर्समेंट डील के जरिए पैसे कमाने के रास्ते में नहीं आना चाहता, लेकिन वह भारतीय एथलीट्स के हितों की रक्षा करेगा। साथ ही, फेडरेशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कॉन्ट्रैक्ट और समझौतों के लिए पहले से मंजूरी मांगते समय, वह न तो एथलीट्स से और न ही स्पॉन्सर से एक भी पैसा लेता है।

फेडरेशन ने आगे कहा, "एएफआई में, हम एथलीट्स के कल्याण के प्रति सचेत हैं और उनके एंडोर्समेंट डील के जरिए पैसे कमाने के रास्ते में नहीं आना चाहते। हालांकि, हम एथलीट्स और भारतीय एथलेटिक्स के हितों की रक्षा करेंगे। एएफआई का मानना ​​है कि एथलीट स्पॉन्सर के साथ साइन किए गए कॉन्ट्रैक्ट को खत्म करने के नतीजों को समझे बिना ही ऐसे बदलाव कर लेते हैं।"

फेडरेशन ने कहा, "कॉन्ट्रैक्ट और समझौतों के लिए पहले से मंजूरी मांगते समय, एएफआई यह सुनिश्चित कर रहा है कि उसकी कानूनी टीम एथलीट्स को संभावित मुश्किलों से बचाने के लिए सलाह देने के लिए मौजूद रहे। एएफआई यह स्पष्ट करता है कि एथलीट्स को ऐसी सेवाएं देते समय, वह न तो एथलीट्स से और न ही स्पॉन्सर से एक भी पैसा लेता है।"

फेडरेशन ने स्पॉन्सर को भी सलाह दी थी कि वे किसी भी समझौते को तभी आगे बढ़ाएं जब एएफआई से यह पुष्टि हो जाए कि एथलीट ने जरूरी मंजूरी ले ली है। एएफआई अनुरोध मिलने की तारीख से तीन दिनों के भीतर पुष्टि भेज देगा।

--आईएएनएस

आरएआरएसजी