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अफगानिस्तान की शरणार्थी महिला क्रिकेट टीम इंग्लैंड के ऐतिहासिक दौरे पर जाने के लिए तैयार

लंदन, 21 मई (आईएएनएस)। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) अफगानिस्तान की शरणार्थी महिला टीम की मेजबानी करेगा। इस दौरे पर खिलाड़ी 5 जुलाई को लॉर्ड्स में होने वाले आईसीसी विमेंस टी20 विश्व कप के फाइनल मैच में भी शामिल होंगी।
 
अफगानिस्तान की शरणार्थी महिला क्रिकेट टीम इंग्लैंड के ऐतिहासिक दौरे पर जाने के लिए तैयार

लंदन, 21 मई (आईएएनएस)। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) अफगानिस्तान की शरणार्थी महिला टीम की मेजबानी करेगा। इस दौरे पर खिलाड़ी 5 जुलाई को लॉर्ड्स में होने वाले आईसीसी विमेंस टी20 विश्व कप के फाइनल मैच में भी शामिल होंगी।

एमसीसी और एमसीसी फाउंडेशन के बीच हुई साझेदारी के तहत, इस दौरे के कार्यक्रम में टीम के लिए उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण सत्र और टी20 मैच शामिल हैं। इस दौरे का सांस्कृतिक और खेल के लिहाज से बहुत महत्व है, खासकर इसलिए क्योंकि 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से अफगानिस्तान में महिलाओं को खेलों से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है।

साल 2021 के बाद से, अफगानिस्तान की महिला क्रिकेट टीम के 20 से ज्यादा सदस्य ऑस्ट्रेलिया में बस गए हैं, और उन्होंने जनवरी 2025 में मेलबर्न में अपना पहला प्रतिस्पर्धी मैच खेला था। अफगानिस्तान की महिला टीम के सदस्य पिछले साल भारत में हुए वनडे वर्ल्ड कप के दौरान भी मौजूद थे।

इंग्लैंड महिला क्रिकेट की प्रबंध निदेशक क्लेयर कॉनर ने कहा, "साल 2021 में अफगानिस्तान से विस्थापित होने के बाद से, इन खिलाड़ियों ने बेहद मुश्किल परिस्थितियों में भी अपनी क्रिकेट यात्रा जारी रखने में असाधारण दृढ़ता दिखाई है। हमने 'इट्स गेम ऑन' के साथ मिलकर एक ऐसा कार्यक्रम और अनुभवों का समूह तैयार किया है, जिसके बारे में हमें उम्मीद है कि यह उनके लिए सुखद और यादगार साबित होगा।"

उन्होंने कहा, "हमें इस बात की भी बेहद खुशी है कि यह टीम आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल मैच में शामिल होगी। क्रिकेट की यह जिम्मेदारी है कि वह सभी को शामिल करने और अवसर प्रदान करने के मूल्यों के साथ खड़ा हो; हमें इस दौरे की मेजबानी करने और इन खिलाड़ियों को खेल के साथ अपने जुड़ाव को और गहरा करने में मदद करने पर गर्व है।"

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने पिछले साल विस्थापित अफगान महिला क्रिकेटर्स की मदद के लिए एक विशेष कार्यबल (टास्क फोर्स) की घोषणा की थी, जिसमें ईसीबी, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का सहयोग प्राप्त था। इस उद्देश्य के लिए एक कोष भी स्थापित किया गया था, ताकि उन्हें सीधे तौर पर आर्थिक सहायता प्रदान की जा सके, हालांकि इसका दीर्घकालिक भविष्य अभी भी अनिश्चित बना हुआ है।

अफगानिस्तान आईसीसी का पूर्ण सदस्य बना हुआ है, जिसके तहत नेशनल बोर्ड को महिला टीमें मैदान में उतारना जरूरी होता है। महिला टीम न होने के बावजूद, पुरुष टीम ने अपना टेस्ट स्टेटस बरकरार रखा है। अप्रैल में, फीफा ने अफगानिस्तान की इंटरनेशनल महिला फुटबॉल में वापसी को मंजूरी दे दी थी। इस कदम को निर्वासित खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी सफलता के तौर पर सराहा गया।

--आईएएनएस

आरएसजी