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अबू धाबी में गिरा मिसाइल का मलबा, दो की मौत और तीन घायल

अबू धाबी, 26 मार्च (आईएएनएस)। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी में मिसाइल का मलबा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई जबकि तीन घायल हो गए। गुरुवार को अबू धाबी मीडिया कार्यालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी।
 
अबू धाबी में गिरा मिसाइल का मलबा, दो की मौत और तीन घायल

अबू धाबी, 26 मार्च (आईएएनएस)। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी में मिसाइल का मलबा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई जबकि तीन घायल हो गए। गुरुवार को अबू धाबी मीडिया कार्यालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी।

उन्होंने एक्स पोस्ट में बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक रोकने के बाद, स्वेइहान स्ट्रीट में मलबा गिरा। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई जबकि तीन घायल हो गए और कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। इसके साथ ही लोगों को सलाह दी गई कि वे केवल आधिकारिक सोर्स से ही जानकारी लें,अफवाहें फैलाने से बचें और अपडेट का इंतजार करें।

इस पोस्ट में यह नहीं बताया गया कि पीड़ितों की राष्ट्रीयता क्या थी या फिर मिसाइल कहां से लॉन्च की गई थी?

हालांकि इससे पहले यूएई के रक्षा मंत्रालय की ओर से एक बयान जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। एक्स पोस्ट में बताया गया कि यूएई का एयर डिफेंस सिस्टम ईरान से होने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रहा है, और रक्षा मंत्रालय ये स्पष्ट कहना चाहता है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सुनाई देने वाली आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने, साथ ही फाइटर जेट द्वारा ड्रोन और घूमते हुए हथियारों को इंटरसेप्ट करने का नतीजा हैं।

जब से ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल का संघर्ष शुरू हुआ है, तब से यूएई में ईरानी स्ट्राइक में करीब 10 लोगों के मारे गए हैं। शनिवार (21 मार्च) को यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि आठ लोग मारे गए हैं, "जिनमें सेना के दो सदस्य और पाकिस्तानी, नेपाली, बांग्लादेशी और फिलिस्तीनी देशों के छह आम नागरिक शामिल हैं।"

28 फरवरी से यूएस-इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद से ही ईरान बगैर देरी किए कुवैत, सऊदी अरब, कतर, ओमान और खासकर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को निशाना बनाना शुरू कर दिया। तेहरान का स्पष्ट कहना था कि चूंकि इन देशों में अमेरिकी सेना का बेस है, इसलिए वो इन पर हमला कर रहा है। खाड़ी देशों का आरोप है कि ईरान रिहायशी इलाकों पर भी अटैक कर रहा है, जो ठीक नहीं है।

--आईएएनएस

केआर/