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अबू आजमी ने एसआईआर में लापरवाही का लगाया आरोप, कहा- वोटर लिस्ट से नाम कटने का खतरा

मुंबई, 3 सितंबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के काम में लापरवाही हुई है और बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। आजमी ने लोगों से अपील की कि जिन मतदाताओं के नाम अभी प्रक्रिया में दर्ज नहीं हुए हैं, वे समय रहते राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों या एनजीओ की मदद लेकर जरूरी प्रक्रिया पूरी करें।
 

मुंबई, 3 सितंबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के काम में लापरवाही हुई है और बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। आजमी ने लोगों से अपील की कि जिन मतदाताओं के नाम अभी प्रक्रिया में दर्ज नहीं हुए हैं, वे समय रहते राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों या एनजीओ की मदद लेकर जरूरी प्रक्रिया पूरी करें।

एसआईआर को लेकर अबू आसिम आजमी ने कहा कि बीएलओ को हर घर में तीन-तीन बार जाकर प्रक्रिया पूरी करनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कई बीएलओ अपनी दूसरी सरकारी ड्यूटी करने के बाद समय मिलने पर एसआईआर का काम कर रहे थे, जिससे प्रक्रिया प्रभावित हुई। बीएलओ के साथ बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी लगाए जाने थे। केवल उनके क्षेत्र में 300 से अधिक बीएलए की जरूरत थी। इतने महत्वपूर्ण काम के लिए ऐसे लोगों की नियुक्ति होनी चाहिए थी, जो पूरी तरह इस काम के लिए उपलब्ध हों। आजमी ने सरकार से मांग की कि एसआईआर को गंभीरता से लिया जाए और बीएलओ को पर्याप्त समय दिया जाए ताकि वे घर-घर जाकर सत्यापन का काम पूरा कर सकें। थकान और अन्य ड्यूटी के कारण कर्मचारी काम को पूरी तरह नहीं कर पा रहे हैं।

लोगों को आगाह करते हुए अबू आसिम आजमी ने कहा कि जिन लोगों के नाम अभी एसआईआर की प्रक्रिया में नहीं आए हैं, वे लापरवाही न करें। उन्होंने राजनीतिक दलों के कार्यालयों, एनजीओ और सामाजिक कार्यकर्ताओं से संपर्क कर प्रक्रिया पूरी करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि नाम कटने के बाद लोगों को उनके नागरिक होने को लेकर सवालों का सामना करना पड़ सकता है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वास्तविक मतदाताओं के नाम किसी गलती या लापरवाही के कारण सूची से बाहर न हों।

मुंबई में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कटने के आरोपों पर आजमी ने कहा कि इसके पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। कुछ लोगों के नाम उनके गांव और मुंबई दोनों जगह दर्ज थे, जिसके कारण एक जगह से नाम हटाया गया हो सकता है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में मौजूद लोग अपने समर्थक मतदाताओं के नाम बचाने और विरोधी मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश कर सकते हैं। इस तरह की किसी भी संभावना को नकारा नहीं जा सकता और पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता तथा पारदर्शिता जरूरी है।

राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ की नियुक्ति पर आजमी ने कहा कि मंदिर से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री स्तर के लोगों की रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में राम मंदिर के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नया सीईओ कोई भी हो, इस मामले में जनता की नजर बनी रहनी चाहिए। यदि चढ़ावे में अनियमितता या चोरी हुई है तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

दिशा सालियान मामले को सीबीआई को सौंपे जाने पर आजमी ने कहा कि मामला काफी पुराना है और इस पर विधानसभा में भी चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार सीबीआई जांच की मांग कर रहा है तो वह इसका स्वागत करते हैं। जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बिना जांच के किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना उचित नहीं है। सुशांत सिंह राजपूत मामले से दिशा सालियान के मामले को जोड़कर लगाए जा रहे आरोपों पर उन्होंने कहा कि सीबीआई की रिपोर्ट आने तक इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

मस्जिद के बाहर प्रदर्शन की बात कहने वाले भाजपा नेता किरीट सोमैया पर आजमी ने राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सोमैया भाजपा और आरएसएस को यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह उनके मुद्दों को उठा रहे हैं। आजमी ने महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि वह संवैधानिक पद पर रहते हुए सांप्रदायिक बयान देते हैं और सरकार उन्हें रोकने में विफल रही है। उन्होंने इसे गंदी राजनीति करार दिया। आजमी ने कहा कि राजनीतिक दलों को धार्मिक और सामुदायिक मुद्दों के बजाय संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप काम करना चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके