अभिषेक बनर्जी ने फायर ऑडिट के नाम पर विपक्ष को निशाना बनाने का लगाया आरोप
कोलकाता, 31 अगस्त (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी दलों को निशाना बनाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रही है।
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, "भाजपा सरकार सिर्फ तीन दिन पहले हमारी पार्टी का साइन बोर्ड गैर-कानूनी तरीके से हटाने से ही संतुष्ट नहीं थी। आज, फायर सेफ्टी ऑडिट करने के लिए हमारे पार्टी ऑफिस में फायर डिपार्टमेंट को भेजा गया है और जाहिर है, साथ में कैमरे, पब्लिसिटी स्टंट और मीडिया का वही पुराना तमाशा भी है। वाह! प्रशासन के इस जोश को देखकर प्रभावित हुए बिना कोई नहीं रह सकता।"
उन्होंने आगे कहा कि यह प्रशासनिक सक्रियता तब क्यों नहीं दिखी, जब चुनाव से ठीक एक महीने पहले एक रहस्यमय आग में हजारों चुनावी मशीनें जलकर खाक हो गई थीं। अभिषेक ने लिखा, "अफसोस की बात है कि यह जबरदस्त जोश तब कहीं नहीं दिखा था, जब चुनाव के सिर्फ एक महीने के अंदर ही एक रहस्यमयी आग में 4,000 कंट्रोल यूनिट, 4,000 बैलेट यूनिट और 4,000 वीवीपैट जलकर खाक हो गए थे। तब फायर सेफ्टी को लेकर ऐसी चिंता क्यों नहीं हुई? किसी के मन में फायर ऑडिट का ख्याल क्यों नहीं आया? उस समय कैमरों के सामने प्रशासन की यह भाग-दौड़ कहां थी?"
तृणमूल नेता ने भाजपा और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि 12 हजार चुनावी मशीनों के जलने पर सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ा, लेकिन विपक्षी पार्टी के कार्यालय पर फायर सेफ्टी को लेकर अचानक चिंता जाग उठी है।
उन्होंने पोस्ट में लिखा, "साफ है कि आग में 12,000 चुनावी मशीनों के जलने से सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ा, लेकिन जैसे ही उनकी नजर किसी विपक्षी पार्टी के ऑफिस पर पड़ती है, फायर सेफ्टी को लेकर अचानक उनमें जबरदस्त चिंता जाग उठती है। असल में फायर ऑडिट गलत जगह पर किया जा रहा है। अगर अलीपुर में सरकारी दफ्तरों में समय रहते ऑडिट किया गया होता तो शायद वे 12,000 मशीनें बचाई जा सकती थीं।"
अभिषेक बनर्जी ने अंत में कहा, "अगर वह ऑडिट थोड़ा और गहराई से किया जाता तो आग लगने की वजह के साथ-साथ भाजपा और चुनाव आयोग के असली चेहरे भी सामने आ सकते थे।"
--आईएएनएस
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