अभिषेक बनर्जी और मीनाक्षी नटराजन मामले में कोर्ट से न्याय की उम्मीद: सुरेंद्र राजपूत
लखनऊ, 11 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर विपक्षी दलों के खिलाफ प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया। इस दौरान उन्होंने कई अन्य मुद्दों पर भी कांग्रेस का पक्ष रखा।
अभिषेक बनर्जी से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा सुनवाई किए जाने के सवाल पर सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि भाजपा विपक्षी दलों को प्रतिशोधात्मक तरीके से निशाना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और विभिन्न एजेंसियों के संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस वक्त भाजपा ने जिस तरह से विपक्षी दलों को प्रतिशोधात्मक रूप से आतंक में लेने का काम किया है, जिस तरह से वह संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं, ईडी, सीबीआई और बंगाल पुलिस का जिस तरह से दुरुपयोग किया जा रहा है, ऐसे में हाईकोर्ट से विपक्षी दलों को, विशेषकर अभिषेक बनर्जी और टीएमसी को बड़ी उम्मीद है। हमें उम्मीद है कि कोर्ट न्यायसंगत व्यवस्था करेगा, संविधान की रक्षा करते हुए हमारे और अभिषेक बनर्जी के अधिकारों की भी रक्षा करेगा।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कांग्रेस में वापसी की अटकलों को लेकर पूछे गए सवाल पर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि फिलहाल इस तरह की कोई गंभीर सूचना उनके पास नहीं है। उन्होंने कहा कि अटकलें, अटकलें होती हैं। ऐसी कोई गंभीर सूचना हमारे पास नहीं है। लेकिन एक बात तय है कि आज राहुल गांधी कश्मीर से कन्याकुमारी और अरुणाचल से लेकर राजकोट तक भाजपा के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने एक नई अलख जगाई है। इंडिया गठबंधन राहुल गांधी के नेतृत्व में बेहतर काम कर रहा है और भाजपा सरकार को सत्ता से हटाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन खारिज किए जाने के मामले के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने पर सुरेंद्र राजपूत ने न्यायपालिका से सकारात्मक फैसले की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से हमें न्याय मिलेगा। जिस तरह से भाजपा अब वोट चोरी ही नहीं बल्कि सीट चोरी पर भी उतर आई है, वह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संदेश है। लोकतंत्र अब हिटलरशाही की ओर बढ़ रहा है, जहां विपक्ष के नामांकन तक को खारिज किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मीनाक्षी नटराजन के मामले में जिस आधार पर नामांकन रद्द किया गया, उसी तरह की आपत्ति झारखंड में एक व्यापारी के खिलाफ भी उठाई गई थी, लेकिन उन्हें समय देकर उनका नामांकन स्वीकार कर लिया गया। राजपूत ने आरोप लगाया कि यह शासन और सत्ता की दोमुंही व्यवस्था को दर्शाता है। चुनाव आयोग भी निंदनीय भूमिका निभा रहा है। हमें पूरी उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलेगा।
कांग्रेस द्वारा दिल्ली में बुलाई गई बैठक को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा करेगी। उन्होंने बताया कि सुबह 11 बजे से होने वाली इस बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी के नेतृत्व में आगामी चुनाव, चुनाव प्रबंधन, जनआंदोलनों तथा इंडिया गठबंधन और कांग्रेस संगठन को मजबूत करने जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल द्वारा धर्मांतरण रोकने के लिए मेडिकल कॉलेजों में विशेष सेल गठित करने के फैसले पर भी सुरेंद्र राजपूत ने राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का यह फैसला अपने आप में स्पष्ट करता है कि उत्तर प्रदेश सरकार नाकाम और नकारा साबित हुई है। भाजपा सरकार के नौ साल पूरे होने के बाद भी यदि इस तरह के सेल बनाने की जरूरत पड़ रही है, तो यह दर्शाता है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। राज्यपाल को भी यूपी सरकार की कानून-व्यवस्था पर भरोसा नहीं रह गया है। उन्हें ऐसी रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजनी चाहिए और इस सरकार को बर्खास्त करने की सिफारिश करनी चाहिए।
--आईएएनएस
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