‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार है’, उदय भानु चिब की गिरफ्तारी पर बोले पूर्व सीएम हरीश रावत
नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस द्वारा इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को की गई गिरफ्तारी पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार है।
देहरादून में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि जिस तरह से यूथ कांग्रेस चीफ को गिरफ्तार किया गया है और रिमांड पर भेजा जा रहा है, वह अपने आप में बहुत चिंता की बात है। यह बोलने की आजादी पर हमला है। एआई समिट को लेकर कुछ घटनाक्रम हुआ है। उससे पहले भारत-अमेरिका ट्रेड डील से हमारे हितों को नुकसान पहुंचा है। हमारा मानना है कि भारत के हितों पर चोट है, और उसके विरोध में अपनी बात कह रहे हैं। युवा संगठन ने अपने तरीके से अपनी बात की, लेकिन अब उनके साथ अपराधियों की तरह ट्रीट करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलना है। राजनीतिक कदम ठीक है या नहीं, सरकार तय नहीं करती है, जनता तय करती है। कानून का उल्लंघन हुआ तो बताएं कि कौन सा उल्लंघन हुआ है और कानून के तहत क्या कदम उठाने चाहिए, लेकिन देशद्रोही की तरह ट्रीट कर रहे हैं। हम इसे स्वीकार नहीं करते हैं, हम इसकी निंदा करते हैं।
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, "हर किसी का विरोध करने का अपना तरीका होता है। आजादी से पहले भी, लोगों की समस्याओं और आजादी की लड़ाई को सामने लाने के लिए भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे शहीदों ने जरूरी कदम उठाए थे। डेमोक्रेसी में, शांतिपूर्ण असहमति को कभी भी गैर-लोकतांत्रिक या देशद्रोह नहीं माना जा सकता। हम, हमारे यूथ कांग्रेस के नेशनल प्रेसिडेंट उदय भानु और सभी साथियों के साथ, चट्टान की तरह मजबूती से खड़े हैं। इसे काले अध्याय की तरह इतिहास में सदा याद किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगर कोई सरकार ट्रेड एग्रीमेंट में देश के हितों के साथ धोखा करती है तो हर फोरम पर उसे एक्सपोज करना कोई क्राइम नहीं है। हर कांग्रेस मेंबर और नागरिक को ऐसा बार-बार करना चाहिए। अगर डेमोक्रेटिक और शांतिपूर्ण तरीकों से सरकार का विरोध करना, जैसा कि हमारे यूथ कांग्रेस के साथियों ने किया है, क्राइम माना जाता है तो हम इसे मानते हैं और करते रहेंगे। हमारे यूथ कांग्रेस मेंबर्स या उदय भानु ने क्या क्राइम किया है? प्रोटेस्ट के जरिए मुद्दा उठाना कोई क्राइम नहीं है। डेमोक्रेसी में, देश के हितों से समझौता करने वाली सरकार का विरोध करना अनडेमोक्रेटिक नहीं माना जा सकता। हमारे यूथ कांग्रेस मेंबर्स ने ठीक यही किया है।
--आईएएनएस
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