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आजम खान के बेटे को कोर्ट से मिली राहत पर सपा ने जताई खुशी, कहा- न्याय की जीत

रामपुर, 29 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को दो पासपोर्ट मामले में सांसद-विधायक सेशन कोर्ट से बड़ी राहत मिली। कोर्ट ने मामले में फैसला सुनाते हुए उन्हें क्लीन चिट दे दी है। इस पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने खुशी जाहिर की है।
 
आजम खान के बेटे को कोर्ट से मिली राहत पर सपा ने जताई खुशी, कहा- न्याय की जीत

रामपुर, 29 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को दो पासपोर्ट मामले में सांसद-विधायक सेशन कोर्ट से बड़ी राहत मिली। कोर्ट ने मामले में फैसला सुनाते हुए उन्हें क्लीन चिट दे दी है। इस पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने खुशी जाहिर की है।

फखरुल हसन चांद ने कहा, "समाजवादी पार्टी अदालत के इस फैसले का स्वागत करती है। पार्टी का मानना ​​है कि पासपोर्ट और पैन कार्ड से जुड़े मामलों सहित कई केस, एक ही मुद्दे पर बार-बार दायर किए गए थे। यही वजह है कि आज अदालत ने पासपोर्ट मामले में अब्दुल्ला आजम को बरी कर दिया है, जो कि एक बड़ी राहत है। आजम खान, अब्दुल्ला आजम और उनके परिवार पर कई तरह के आरोप लगाए गए थे। ऐसे मामले अदालत में टिक नहीं पाएंगे। जब भी ऐसे मामले अदालतों तक पहुंचेंगे तो न्याय की ही जीत होगी, क्योंकि देश की न्यायिक व्यवस्था बहुत मजबूत है।"

वहीं, अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि इस केस की शुरुआत साल 2019 में हुई थी, जब सिविल लाइंस थाने में तत्कालीन और मौजूदा सादर विधायक आकाश सक्सेना ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप यह था कि अब्दुल्ला आजम खान ने अलग-अलग समय पर दो पासपोर्ट बनवाए और उनमें अलग-अलग जन्मतिथि का इस्तेमाल किया। कहा गया कि इन दस्तावेजों का उपयोग कई जगह पहचान के तौर पर किया गया। इस आरोप के बाद मामला अदालत तक पहुंचा और सुनवाई शुरू हुई।

ट्रायल सांसद-विधायक स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट, रामपुर में चला। लंबी सुनवाई के बाद 5 मार्च 2025 को ट्रायल कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम खान को दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुना दी थी, लेकिन इसके खिलाफ अपील दायर की गई और मामला स्पेशल जज सांसद-विधायक कोर्ट में गया। वहां पर पूरी सुनवाई के बाद अब अपीलीय अदालत ने निचली अदालत का फैसला पलट दिया और अब्दुल्ला आजम खान को इस दो पासपोर्ट मामले में बरी कर दिया गया।

अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने कहा कि मामला शुरू से ही गलत तरीके से पेश किया गया था। उनका कहना है कि असल में दो पासपोर्ट नहीं थे, बल्कि एक ही पासपोर्ट में जन्मतिथि में सुधार कराया गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2018 में जो दस्तावेज दिए गए थे, उनकी पूरी जांच पासपोर्ट ऑफिस द्वारा की गई थी और जांच के बाद ही पासपोर्ट जारी किया गया था। उनके अनुसार पासपोर्ट अधिकारी ने भी अदालत में यह बयान दिया कि प्रक्रिया नियमों के अनुसार ही पूरी हुई थी।

हालांकि, एक और केस अभी भी लंबित बताया जा रहा है, जो पैन कार्ड से जुड़ा है। इसमें पहले अपील खारिज हो चुकी है, और अब वकील पक्ष की ओर से कहा गया है कि इसके खिलाफ उच्च न्यायालय में क्रिमिनल रिवीजन दायर किया जाएगा। जब तक इस मामले में भी कोई अंतिम राहत नहीं मिलती, तब तक उनकी रिहाई का रास्ता साफ नहीं होगा।

--आईएएनएस

पीआईएम/डीकेपी