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अब्दुल जब्बार पर फैसला सही, पार्टी से ऊपर कोई नहीं : प्रियांक खड़गे

बेंगलुरु, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को कांग्रेस पार्टी के फैसलों का बचाव करते हुए कहा कि पार्टी से निकाले गए अब्दुल जब्बार पर लिया गया निर्णय पूरी तरह सही है।
 
अब्दुल जब्बार पर फैसला सही, पार्टी से ऊपर कोई नहीं : प्रियांक खड़गे

बेंगलुरु, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को कांग्रेस पार्टी के फैसलों का बचाव करते हुए कहा कि पार्टी से निकाले गए अब्दुल जब्बार पर लिया गया निर्णय पूरी तरह सही है।

प्रियांक खड़गे ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "पार्टी ने जो भी फैसला लिया है, वह सही है। चाहे उम्मीदवारों के बारे में हो या खर्चों के बारे में। पार्टी से ऊपर कोई नहीं है। हर किसी को पार्टी की लाइन माननी होगी।"

उन्होंने दावणगेरे उपचुनाव के संदर्भ में कहा कि जब पार्टी ने टिकट का ऐलान कर दिया, तो हर कांग्रेस कार्यकर्ता का फर्ज है कि वह पार्टी की लाइन का पालन करे। प्रियांक खड़गे ने स्पष्ट किया कि अब्दुल जब्बार के खिलाफ कार्रवाई उनके खर्चों और अन्य मुद्दों पर आधारित है। उन्होंने कहा, "पार्टी में और भी कई नेताओं ने ऐसी बातें कही हैं, लेकिन कार्रवाई केवल हाईकमान के सामने पेश की गई जानकारी के आधार पर ही होती है। अगर जरूरत पड़ी तो और लोगों पर भी गाज गिरेगी।"

महिला आरक्षण बिल और संसद के विशेष सत्र पर प्रियांक खड़गे ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार महिला आरक्षण का समर्थन कर रही है, लेकिन बिल का मसौदा सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "देश की महिलाएं जानना चाहती हैं कि इस बिल में क्या है। उन्हें किस तरह सशक्त बनाया जा रहा है? कैबिनेट ने बिल पास कर लिया, लेकिन स्टेकहोल्डर्स से चर्चा क्यों नहीं की जा रही?"

प्रियांक खड़गे ने जोर देकर कहा कि महिला आरक्षण, पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जाति, जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए पहले जनगणना पूरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "बिना आंकड़ों के परिसीमन कैसे होगा? जनगणना पूरी करो, डेटा सामने रखो, फिर काम करो। पिछले 13 सालों से प्रधानमंत्री हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठे थे? हर 10 साल में जनगणना होनी चाहिए थी।"

उन्होंने दक्षिण भारतीय राज्यों के हितों की रक्षा पर भी बात करते हुए कहा, "कर्नाटक बेहतर निवेश, ज्यादा नौकरियां और अधिक टैक्स राजस्व पैदा कर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार इसे पुरस्कृत करने के बजाय सजा दे रही है। हम मांग करते हैं कि पहले जनगणना हो, फिर परिसीमन। यह 130 करोड़ लोगों के भविष्य का सवाल है।"

सोशल मीडिया पर बच्चों के लिए प्रतिबंध के मामले में प्रियांक खड़गे ने कहा कि सरकार कोई पूर्ण बैन नहीं लगाना चाहती, बल्कि सुरक्षित माहौल बनाना चाहती है। उन्होंने बताया, "हम एक कमेटी बना चुके हैं। अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और टेक्नोलॉजी कंपनियों से चर्चा कर रहे हैं। नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने के कारण कुछ समय लगेगा, लेकिन अगले कुछ महीनों में हम एक फ्रेमवर्क तैयार कर लेंगे।"

प्रियांक खड़गे ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और पीएम मोदी से मुलाकातों का जिक्र करते हुए कहा कि कर्नाटक एनडीआरएफ, जेजेएफ और टैक्स बंटवारे जैसे मुद्दों पर लगातार बात कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक आर्थिक विकास का इंजन है और इसे सजा नहीं मिलनी चाहिए।

--आईएएनएस

एससीएच