Aapka Rajasthan

'आपके कर्मों का फल आपको मिलेगा', उद्धव ठाकरे की सफाई पर दिशा सालियान के पिता का पलटवार

नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने कहा कि गैंगरेप-मर्डर और उसके बाद मामले को दबाने की कोशिश के मुख्य आरोपी आदित्य ठाकरे ने एक प्रेस बयान में कहा कि वह दिशा सालियान को नहीं जानते थे और उन पर लगे आरोप राजनीतिक मकसद से प्रेरित थे और उनका मकसद उन्हें बदनाम करना था।
 

नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने कहा कि गैंगरेप-मर्डर और उसके बाद मामले को दबाने की कोशिश के मुख्य आरोपी आदित्य ठाकरे ने एक प्रेस बयान में कहा कि वह दिशा सालियान को नहीं जानते थे और उन पर लगे आरोप राजनीतिक मकसद से प्रेरित थे और उनका मकसद उन्हें बदनाम करना था।

उन्होंने कहा कि यह बयान साफ ​​तौर पर झूठा और गुमराह करने वाला है। पहली बात आदित्य ठाकरे ने सतीश सालियान की याचिका पर अपने हलफनामे में भी यही रुख अपनाया था और एफआईआर दर्ज करने और सीबीआई जांच का विरोध किया था। हालांकि, हाई कोर्ट ने 2 सितंबर 2026 के अपने आदेश से उनकी आपत्ति को खारिज कर दिया। दूसरी बात, आदित्य ठाकरे ने हाईकोर्ट के सामने शपथ पर झूठा बयान दिया कि दिशा का मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका था और सीबीआई ने इसकी जांच की थी, इसलिए हाई कोर्ट इस मामले की सुनवाई नहीं कर सकता। हाई कोर्ट ने सीबीआई से पुष्टि की और पाया कि यह बयान झूठा था। इसके बाद आदित्य ठाकरे के वकील ने हाई कोर्ट के सामने माफी मांगी।

उन्होंने कहा कि आदित्य ठाकरे ने पहले कहा था कि वह रिया चक्रवर्ती को नहीं जानते थे। क्राइम नंबर 15/2020 की जांच के दौरान एनसीबी, मुंबई को मिली चैट्स ने भी उस बयान को झूठा साबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे पास उनकी आपराधिक गतिविधियों से जुड़े सभी ठोस सबूत हैं। इसके अलावा, आदित्य ठाकरे ने कभी भी उन खास आरोपों से इनकार नहीं किया है जिनमें अपराध वाली जगह पर उनके मोबाइल-टावर की लोकेशन या 2020 के क्राइम नंबर 15 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की रिपोर्ट का जिक्र है। इसमें फोन-सर्विलांस का रिकॉर्ड भी शामिल है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आदित्य ठाकरे ड्रग्स की तस्करी में शामिल थे और खुद भी ड्रग्स लेते थे, जिसमें हाइड्रोपोनिक वीड भी शामिल है।

सतीश सालियान ने कहा कि आदित्य ठाकरे ने पहले यह झूठा दावा किया था कि 8 जून 2020 को, जब दिशा की मौत हुई, वे मुंबई से बाहर थे क्योंकि उस दिन उनके दादा जी पाटणकर का निधन हो गया था। यह दावा भी झूठा साबित हुआ, क्योंकि पाटणकर 14 जून 2020 तक जीवित थे। उन्होंने कहा कि आज तक, आदित्य ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट लिटिगेंट्स एसोसिएशन के चेयरमैन राशिद खान पठान की ओर से एडवोकेट चैतन्य रावटे द्वारा 21 अक्टूबर 2023 को भेजे गए मानहानि के नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया है, जो इसी तरह के आरोपों से संबंधित था।

उन्होंने कहा कि इस आदतन झूठे और अपराधी व्यक्ति ने अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रहे एक दुखी पिता पर आरोप लगाने की हिम्मत की है और ईमानदार मीडिया हाउस को डराने-धमकाने की कोशिश की है। उसकी चालें कामयाब नहीं होंगी। यह याद रखना चाहिए कि यह मामला केवल मीडिया के सक्रिय दखल की वजह से ही दोबारा खोला जा सका, इसलिए मीडिया डिबेट पर आपत्ति जताना दुर्भावनापूर्ण है।

उन्होंने कहा कि आदित्य ठाकरे को शायद इस बात का डर है कि मीडिया की कड़ी नजर और जनता के ध्यान की वजह से सिस्टम को प्रभावित या हेर-फेर करना और जवाबदेही या सजा से बचना मुश्किल हो जाएगा। जैसा कि उन पर पहले भी दूसरे मामलों में ऐसा करने का आरोप लग चुका है, जिसमें सुशांत सिंह राजपूत की हत्या से जुड़े हालात और ड्रग तस्करी व अन्य आपराधिक गतिविधियां शामिल हैं। शायद असली चिंता 'मीडिया का दखल' नहीं है, बल्कि यह है कि इस बार हर घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है, सवाल उठाए जा रहे हैं, जांच-पड़ताल हो रही है और उसे सार्वजनिक रूप से रिकॉर्ड किया जा रहा है।

जनता की नजर निष्पक्ष जांच में बाधा नहीं डालती, बल्कि यह जांच को पटरी से उतारने की कोशिशों को कहीं ज्यादा मुश्किल बना देती है। आइए इंतजार करें और देखें। आपके कर्मों का फल आपको मिल गया है। सत्यमेव जयते।

--आईएएनएस

एमएस/डीकेपी