Aapka Rajasthan

कांग्रेस को आपातकाल के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए : गौरव वल्लभ

नई दिल्ली, 25 जून (आईएएनएस)। भाजपा के वरिष्ठ नेता गौरव वल्लभ ने गुरुवार को कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया बयान, मानहानि मामले में राहुल गांधी द्वारा जबलपुर हाईकोर्ट में लिखित माफीनामा सौंपने और एनसीईआरटी द्वारा इमरजेंसी पर अध्याय शामिल किए जाने पर टिप्पणी की। कांग्रेस पर संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को देश से माफी मांगनी चाहिए।
 

नई दिल्ली, 25 जून (आईएएनएस)। भाजपा के वरिष्ठ नेता गौरव वल्लभ ने गुरुवार को कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया बयान, मानहानि मामले में राहुल गांधी द्वारा जबलपुर हाईकोर्ट में लिखित माफीनामा सौंपने और एनसीईआरटी द्वारा इमरजेंसी पर अध्याय शामिल किए जाने पर टिप्पणी की। कांग्रेस पर संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को देश से माफी मांगनी चाहिए।

जयराम रमेश द्वारा भाजपा पर लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश करने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए गौरव वल्लभ ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को सबसे पहले वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल के लिए देशवासियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने संविधान को समाप्त करने की पूरी योजना बनाई थी और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को खत्म कर दिया था।

भाजपा नेता ने कहा कि इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार ने उस दौर में संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया और सत्ता का पूरा केंद्रीकरण कर दिया था। आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ऐसा अध्याय है, जिसे याद कर आज भी उस समय को देखने वाले लोगों की रूह कांप जाती है। नई पीढ़ी, चाहे वह जेन-जी हो, जेन-अल्फा, मिलेनियल्स या अन्य वर्ग हो, उन्हें यह बताना जरूरी है कि किस प्रकार कांग्रेस ने संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करने का प्रयास किया था।

गौरव वल्लभ ने कहा कि जयराम रमेश और कांग्रेस के अन्य नेताओं को अपने घरों के बाहर खड़े होकर हाथ जोड़कर देश से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि कांग्रेस ने लोगों के मौलिक अधिकारों को समाप्त करने का षड्यंत्र रचा था। जो पार्टी देश में आपातकाल लागू कर सकती है, उसे संविधान पर सवाल उठाने या उपदेश देने का नैतिक अधिकार नहीं है।

राहुल गांधी द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह से जुड़े 2018 के मानहानि मामले में जबलपुर हाईकोर्ट में लिखित माफीनामा दाखिल करने और खेद व्यक्त करने के मुद्दे पर भी गौरव वल्लभ ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के लिए माफी मांगना कोई नई बात नहीं है और वह अपने कई बयानों पर बाद में खेद जताते रहे हैं। राहुल गांधी पहले बिना तथ्यों और पर्याप्त जानकारी के आरोप लगाते हैं और बाद में अदालतों के हस्तक्षेप के बाद माफी मांगते हैं।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने राफेल मुद्दे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणियों, वीर सावरकर को लेकर दिए गए बयानों और अब कार्तिकेय सिंह से जुड़े मामले में भी माफी मांगी है। उन्होंने तंज कसते हुए राहुल गांधी को माफीवीर बताया और कहा कि कांग्रेस के कई नेताओं की यही कार्यशैली रही है। उन्होंने आगे कहा कि देश अब परिवारवाद और वंशवाद की राजनीति से आगे बढ़ चुका है और कांग्रेस के इस मॉडल को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।

एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तक में आपातकाल पर अध्याय शामिल किए जाने के सवाल पर गौरव वल्लभ ने इस फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और विशेष रूप से युवा पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि 25 जून 1975 को देश में क्या हुआ था और किस प्रकार लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा मौलिक अधिकारों पर प्रभाव पड़ा था। पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से यह जानकारी नई पीढ़ी तक पहुंचनी चाहिए कि उस दौर में संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को चुनौती देने का प्रयास किया गया था, लेकिन देशवासियों ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की। आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना है और कांग्रेस को इसके लिए जवाबदेह माना जाना चाहिए।

--आईएनएस

पीएसके/वीसी