Aapka Rajasthan

'आप' नेता जरनैल सिंह ने दिल्‍ली सरकार की लक्ष्मी योजना पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक जरनैल सिंह ने दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ चार में से सिर्फ एक महिला को मिल पाता है, जबकि चारों को इसकी जरूरत है।
 

नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक जरनैल सिंह ने दिल्‍ली सरकार की लक्ष्मी योजना पर सवाल उठाया है। उन्‍होंने कहा कि इस योजना का लाभ चार में से सिर्फ एक महिला को मिल पाता है, जबकि चारों को इसकी जरूरत है।

'आप' विधायक जरनैल सिंह ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि फिलहाल, दिल्ली सरकार को लक्ष्मी योजना की कमियों को दूर करना चाहिए। चार में से सिर्फ एक महिला को इसका फायदा मिल पाता है, जबकि चारों को इसकी जरूरत है। उन्होंने दिल्ली सरकार के मंत्री सिरसा के बयान पर बताया कि उन्होंने (सिरसा ने) पंजाब में अब तक एक भी आवेदक को योजना का फायदा नहीं मिलने की बात कही थी। उनका यह बयान सरासर गलत जानकारी थी, उन्‍होंने झूठ बोला।

आप' नेता ने कहा कि हमने अध्‍यक्ष से निवेदन किया कि इसको सदन के रिकॉर्ड से हटाया जाए। क्‍योंकि पंजाब के भीतर अब तक 68 लाख 50 हजार आवेदक को योजना का लाभ मिल चुका है, लोगों के बैंक खातों में पैसे जा चुके हैं। सदन में झूठ बोला जा रहा है और अध्‍यक्ष संरक्षण दे रहे हैं। स्‍पीकर सत्‍ता पक्ष के लिए अलग और विपक्ष के लिए अलग नियम रख रहे हैं। यह बहुत दुर्भाग्‍यपूर्ण है।

जरनैल सिंह कहते हैं, "मुद्दा यह है कि बाजार में 4,000 रुपए में आसानी से मिलने वाली साइकिल सरकार 7,000 रुपए में खरीद रही है। और तो और, जब आप इतनी बड़ी मात्रा में 1,30,000 या 1,40,000 साइकिलें खरीदते हैं, तो वे और भी कम दाम पर मिलनी चाहिए। हमें उम्मीद थी कि बाजार में 4,000 रुपए में मिलने वाली साइकिल सरकार 3,000 रुपए में खरीदी जाएगी। लेकिन, सरकार एक साइकिल 7,000 रुपए में खरीद रही है।"

उन्‍होंने कहा कि यह सीधे तौर पर भ्रष्‍टाचार का मामला है। हैरानी इस बात की है कि दिल्‍ली सरकार के भ्रष्‍टाचार का स्‍पीकर बचाव कर रहे हैं। जब इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की गई तो स्‍पीकर ने हमें समय नहीं दिया और सदन से बाहर जाने के लिए बोल दिया गया। भाजपा सरकार का लालच इस स्‍तर पर पहुंच गया है कि बच्‍चों की साइकिल तक नहीं बच रही हैं।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम