विधानसभा चुनाव के लिए ईसीआई के सख्त निर्देश, हर मतदान केंद्र पर मिलेंगी बुनियादी सुविधाएं
नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। आगामी विधानसभा चुनावों और उपचुनावों को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ी पहल की है। रविवार को आयोग ने साफ निर्देश दिए हैं कि देशभर के सभी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए आवश्यक न्यूनतम सुविधाएं और पूरी मदद सुनिश्चित की जाए, ताकि हर व्यक्ति बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सके।
15 मार्च को आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 6 राज्यों में उपचुनावों का कार्यक्रम घोषित किया था। इसके बाद अब आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार, कुल 2,18,807 मतदान केंद्रों में से हर एक केंद्र पर मतदान के दिन बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें पीने का पानी, छायादार प्रतीक्षा क्षेत्र, साफ-सुथरे शौचालय, पर्याप्त रोशनी और दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इसके अलावा हर बूथ पर मानक मतदान कक्ष और स्पष्ट संकेतक भी लगाए जाएंगे।
मतदाताओं को कतार में खड़े रहने के दौरान राहत देने के लिए आयोग ने निर्देश दिया है कि नियमित अंतराल पर बेंच की व्यवस्था भी की जाए, ताकि लोग आराम से अपनी बारी का इंतजार कर सकें।
मतदाता जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर चार मानकीकृत 'मतदाता सुविधा पोस्टर' (वीएफपी) लगाए जाएंगे। इन पोस्टरों में मतदान केंद्र की जानकारी, उम्मीदवारों की सूची, क्या करें और क्या न करें, पहचान पत्रों की सूची और मतदान प्रक्रिया से जुड़ी जरूरी जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही हर मतदान केंद्र पर मतदाता सहायता बूथ भी बनाए जाएंगे। यहां बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और अन्य कर्मचारी मौजूद रहेंगे, जो मतदाताओं को उनका बूथ नंबर और मतदाता सूची में उनका क्रमांक ढूंढने में मदद करेंगे। इन सहायता बूथों के लिए भी स्पष्ट संकेतक लगाए जाएंगे, ताकि मतदाताओं को उन्हें ढूंढने में कोई परेशानी न हो।
मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार के बाहर मोबाइल फोन जमा करने की व्यवस्था की जाएगी। मतदाता अपने बंद मोबाइल फोन को वहां मौजूद स्वयंसेवकों के पास जमा कर सकेंगे और मतदान के बाद उसे वापस ले सकेंगे।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन सभी सुविधाओं का उपलब्ध होना अनिवार्य है और इसकी कड़ी निगरानी की जाएगी। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मतदान की तारीख से पहले ही सारी तैयारियां पूरी कर लें, ताकि हर मतदाता का मतदान अनुभव सहज, सुरक्षित और बिना किसी बाधा के हो सके।
--आईएएनएस
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