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आलू किसानों को राहत की तैयारी, मार्केट इंटरवेंशन स्कीम को शीघ्र मंजूरी के निर्देश

लखनऊ, 2 जनवरी (आईएएनएस)। आलू की संभावित रिकॉर्ड पैदावार को देखते हुए प्रदेश सरकार ने किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।
 
आलू किसानों को राहत की तैयारी, मार्केट इंटरवेंशन स्कीम को शीघ्र मंजूरी के निर्देश

लखनऊ, 2 जनवरी (आईएएनएस)। आलू की संभावित रिकॉर्ड पैदावार को देखते हुए प्रदेश सरकार ने किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।

उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने आगामी आलू उपज के प्रबंधन, भंडारण और विपणन व्यवस्था की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और पूर्व नियोजित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों को उपज बेचने या सुरक्षित रखने में कोई परेशानी न हो।

समीक्षा बैठक में बताया गया कि अनुकूल मौसम के चलते इस वर्ष आलू उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रहने की संभावना है। इसके साथ ही प्रदेश में भंडारण क्षमता पर्याप्त है और बड़ी संख्या में कोल्ड स्टोरेज में स्थान उपलब्ध हैं।

मंत्री ने निर्देश दिए कि नवनिर्मित कोल्ड स्टोरेज का संचालन तत्काल शुरू कराया जाए और वहां भंडारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। एहतियाती रणनीति के तहत मंत्री ने अधिकारियों को अन्य राज्यों के बाजारों और आलू व्यापारियों से अग्रिम संपर्क स्थापित करने के निर्देश दिए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर सुचारू विपणन सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में आलू किसानों को बाजार के अभाव में नुकसान नहीं उठाना पड़े, इसके लिए सभी संभावित विकल्प पहले से तैयार रखें।

आलू उत्पादन के प्रमुख क्षेत्रों और मंडलों में व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे आवंटित मंडलों का भौतिक निरीक्षण कर फसल की पूर्व आवक से पहले भंडारण और विपणन से जुड़ी सभी कमियों को दूर करें।

मंत्री ने कहा कि मंडलवार तैनाती के माध्यम से जवाबदेही तय की गई है ताकि किसान हित सर्वोपरि रहे। इस दौरान बाजार हस्तक्षेप योजना (मार्केट इंटरवेंशन स्कीम) को शीघ्र स्वीकृति दिलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मल्टी-चैंबर शीतगृहों के निर्माण को बढ़ावा देने और पुराने शीतगृहों को आधुनिक तकनीक से लैस करने पर बल दिया गया, जिससे आलू सहित अन्य बागवानी फसलों का भी सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जा सके।

-- आईएएनएस

विकेटी/एमएस