आक्रामकता के खिलाफ आवाज उठाने वालों को ईरान का सलाम : रजा आरिफ
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने आक्रामकता के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सराहना की और स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के मानवीय रुख को सराहा। उन्होंने कहा कि ईरान केवल अपने कानूनी अधिकारों और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा चाहता है।
ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''हम उन सभी को सलाम करते हैं, जिन्होंने आक्रामकता और अत्याचारों के खिलाफ साहसपूर्वक आवाज उठाई है, विशेष रूप से प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के मानवीय रुख को। दुनिया को आक्रामक और रक्षक के बीच अंतर समझना होगा। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आधार पर, ईरान अपने कानूनी अधिकारों और किसी भी अतिक्रमण तथा राज्य-प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा से परे कुछ भी नहीं चाहता है।''
वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी अपने एक बयान में संकेत दिया है कि तेहरान अमेरिका के साथ किसी समझौते पर पहुंचने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि समाधान के लिए वाशिंगटन को अपनी तानाशाही छोड़नी होगी और ईरानी लोगों के अधिकारों का सम्मान करना होगा।
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "अगर अमेरिकी सरकार अपनी तानाशाही छोड़ दे और ईरानी राष्ट्र के अधिकारों का सम्मान करे, तो समझौते तक पहुंचने के रास्ते जरूर मिल जाएंगे।"
वहीं, ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कालिबाफ ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए मौजूदा स्थिति से बाहर निकलने का एकमात्र तरीका यह है कि वह अपना निर्णय ले और ईरानी राष्ट्र का विश्वास हासिल करे।
उन्होंने यह टिप्पणी पाकिस्तान की अपनी यात्रा से ईरान लौटते समय पत्रकारों को संबोधित करते हुए की, जहां उन्होंने अपने साथ आए प्रतिनिधिमंडल और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ शांति वार्ता में भाग लिया था।
कालिबाफ ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरानी जनता की ऋणी है और उसे इसकी भरपाई के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। उन्होंने कहा कि अगर वे लड़ेंगे, तो हम भी लड़ेंगे और अगर वे तर्क के साथ आगे आते हैं, तो हम तर्क से जवाब देंगे। हम किसी भी धमकी के सामने झुकेंगे नहीं। वे हमारी इच्छाशक्ति को एक बार फिर परख सकते हैं और हम उन्हें और बड़ा सबक सिखाएंगे।
--आईएएनएस
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