आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल की बढ़ीं मुश्किलें, भाजपा ने साधा निशाना
नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने गुरुवार को उत्पाद शुल्क नीति मामले में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, संजय सिंह, विनय मिश्रा और सौरभ भारद्वाज के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की। इस पर दिल्ली के भाजपा नेताओं का कहना है कि अरविंद केजरीवाल को अब इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि आम आदमी पार्टी अब अराजकतावादी पार्टी बन चुकी है। यह आंबेडकर और संविधान विरोधी पार्टी है। संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ बयानबाजी करती है और उनका अपमान करती है। यही उनकी पहचान बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि ये लोग कभी सुपारी लेकर चुनाव आयोग, कभी प्रधानमंत्री के खिलाफ तो कभी नितिन गडकरी और अरुण जेटली के खिलाफ बयानबाजी करते हैं। पहले उन्हें माफी भी मांगनी पड़ी, लेकिन इस बार महिला जज पर आरोप लगाया है और अभद्र टिप्पणी की है। अगर उन्हें दिक्कत थी तो सुप्रीम कोर्ट जाते, लेकिन उन्होंने पब्लिक डोमेन में टिप्पणी की है। इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने सवाल उठाया कि संविधान बचाने की दुहाई देने वाले लोग इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं? ये लोग संविधान और न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे में जो कार्यवाही शुरू की गई है, मैं उसका स्वागत करता हूं।
वहीं, भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी का डीएनए अर्बन नक्सल का है। वे किसी संवैधानिक संस्था पर विश्वास नहीं करते और जब कार्रवाई होती है तो उसी संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाते हैं। जज साहिबा ने सही फैसला लिया है और अपेक्षा है कि अरविंद केजरीवाल को अभी भी सद्बुद्धि आएगी और इसमें वह सहयोग करेंगे।
--आईएएनएस
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