80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने चुनी लाल पगड़ी : 'वंदे मातरम' से की भाषण की शुरुआत, 'नारी शक्ति' पर किया समापन
नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार देश को संबोधित किया। उनका अंदाज इस बार भी अलग रहा। पीएम मोदी पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। 'वंदे मातरम' के साथ शुरू हुआ उनका भाषण 'नारी शक्ति' के जिक्र के साथ समाप्त हुआ। आत्मविश्वास से भरे इस संबोधन में उन्होंने कई अहम मुद्दों को भी उठाया।
पीएम मोदी ने इस बार राजस्थान और गुजरात की पहचान माने जाने वाले पारंपरिक लाल रंग की बांधनी पगड़ी बांधी थी। सफेद कुर्ता और चॉकलेट ब्राउन रंग की जैकेट के साथ उन्होंने जेब में केसरिया, सफेद और हरे रंग के रूमाल लगाए थे, जो तिरंगे के रंगों को दर्शा रहे थे।
बांधनी राजस्थान की प्रसिद्ध टाई-एंड-डाई कला है। इसमें कपड़े के छोटे-छोटे हिस्सों को धागे से बांधकर अलग-अलग रंगों में रंगा जाता है। धागे खोलने पर कपड़े पर बारीक बिंदु और डिजाइन उभरते हैं। पारंपरिक बांधनी में आमतौर पर लाल, पीला, हरा, नीला और केसरिया रंग होते हैं।
महिलाओं के लिए बांधनी की चुनरी शादी, तीज और अन्य शुभ अवसरों से जुड़ी है। वहीं पुरुषों के लिए राजस्थानी साफा गर्व, सम्मान और पहचान का प्रतीक माना जाता है। इसके रंग और बांधने का तरीका हर क्षेत्र और मौके के हिसाब से अलग होता है। शादी या धार्मिक कार्यक्रमों में मेहमान को साफा भेंट करना सम्मान और मेहमाननवाजी की निशानी भी है।
लाल किले पहुंचने से लेकर गार्ड ऑफ ऑनर के निरीक्षण और राष्ट्रीय ध्वज फहराने तक पीएम मोदी की चाल-ढाल में पूरी दृढ़ता और उत्साह नजर आया।
भाषण के दौरान उनके हाथ के भाव स्पष्ट थे और देशवासियों से सीधे जुड़ाव महसूस करा रहे थे। जब उन्होंने युवाओं और नारी शक्ति का जिक्र किया तो उनके चेहरे के हाव-भाव में विशेष ऊर्जा और सकारात्मकता दिखाई दी।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत 'वंदे मातरम' से की। उन्होंने कहा, "आज हम सब 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। आज हर दिल की धड़कन 'वंदे मातरम' के नाद से गूंज रही है। आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है। देश उत्साह और उमंग के साथ नए संकल्पों को लेकर आज आगे बढ़ रहा है।"
इस बार पीएम का संबोधन करीब 75 मिनट तक चला। पीएम मोदी ने अपने भाषण का अंत नारी शक्ति को समर्पित किया। उन्होंने महिला आरक्षण बिल का जिक्र करते हुए सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण जल्द से जल्द लागू करने में सहयोग दें।
उन्होंने कहा, "नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास हो चुका है। यह सपना पिछले 40 सालों से राजनीतिक अखाड़े का शिकार होता रहा है। समय की मांग है कि माताओं और बहनों को लोकसभा एवं विधानसभाओं में पूरा प्रतिनिधित्व मिले।"
प्रधानमंत्री ने विपक्षी और अन्य सभी दलों से आग्रह किया कि वे आगे आएं। उन्होंने कहा, "दल इसका पूरा श्रेय ले सकते हैं, लेकिन महिलाओं के सम्मान में इसे लागू करने में साथ दें।"
--आईएएनएस
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