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7 जनवरी पंचांग: मघा से पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का संयोग, किन शुभ समयों में करें जरूरी काम

नई दिल्ली, 6 जनवरी (आईएएनएस)। पंचांग भारतीय संस्कृति में दिन की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, विवाह, गृह प्रवेश या नए काम की शुरुआत से पहले पंचांग देखकर शुभ-अशुभ समय जानने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और मुहूर्त के आधार पर दिन को समझा जाता है।
 
7 जनवरी पंचांग: मघा से पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का संयोग, किन शुभ समयों में करें जरूरी काम

नई दिल्ली, 6 जनवरी (आईएएनएस)। पंचांग भारतीय संस्कृति में दिन की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, विवाह, गृह प्रवेश या नए काम की शुरुआत से पहले पंचांग देखकर शुभ-अशुभ समय जानने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और मुहूर्त के आधार पर दिन को समझा जाता है।

इसी कड़ी में 7 जनवरी 2026, यानी बुधवार के पंचांग की बात करें, तो हिन्दू पंचांग के अनुसार इस दिन माघ मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। यह तिथि सुबह 06:52 बजे से प्रारंभ होकर 8 जनवरी 2026 को सुबह 06:33 बजे तक रहेगी, इसके बाद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि लग जाएगी।

पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार, ये मास माघ है, जबकि अमांत पंचांग में इसे पौष मास माना गया है। इस दिन सूर्य धनु राशि में स्थित रहेगा, वहीं चन्द्रमा सिंह राशि में रहेगा।

नक्षत्र की बात करें तो दिन की शुरुआत मघा नक्षत्र में होगी, जो सुबह 11:56 बजे तक रहेगा। इसके बाद पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र आरंभ हो जाएगा, जो अगले दिन दोपहर तक प्रभावी रहेगा।

योग के अनुसार, दिन में आयुष्मान योग रहेगा, जो शाम 6:33 बजे तक मान्य है। इसके बाद सौभाग्य योग प्रारंभ होगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

अब बात करते हैं शुभ और अशुभ समय की। बुधवार के दिन राहुकाल दोपहर 12:26 बजे से 1:43 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य से बचना चाहिए। इसके अतिरिक्त यम गण्ड काल सुबह 8:35 से 9:52 बजे तक और कुलिक काल 11:09 से 12:26 बजे तक माना गया है। दुर्मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:47 बजे तक रहेगा, वहीं वर्ज्यम् काल रात 8:05 से 9:43 बजे तक अशुभ माना गया है।

शुभ समय की बात करें तो दिन में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:42 से 6:30 बजे तक रहेगा, जो ध्यान, पूजा और अध्ययन के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। अमृत काल सुबह 9:33 से 11:08 बजे तक तथा एक अन्य अमृत काल सुबह 5:52 से 7:30 बजे तक है। हालांकि इस दिन अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।

चौघड़िया के अनुसार, सुबह का समय अपेक्षाकृत अनुकूल है। दिन में लाभ, अमृत और शुभ चौघड़िया आते हैं, जबकि राहुकाल के दौरान रोग चौघड़िया प्रभावी रहता है। चंद्र बल के अनुसार, इस दिन मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए दिन अनुकूल माना गया है।

--आईएएनएस

पीके/एएस