फीफा वर्ल्ड कप में गोल दागने वाले 5 सबसे युवा फुटबॉलर
नई दिल्ली, 6 जून (आईएएनएस)। फीफा वर्ल्ड कप का मंच दिग्गजों की कहानियों के साथ उन युवा सितारों की चमक से भी जगमगाया है, जिन्होंने कम उम्र में ही दुनिया को अपना हुनर दिखाया। आइए, उन 5 खिलाड़ियों के बारे में जानते हैं, जिन्होंने फीफा वर्ल्ड कप में गोल दागकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज कराया है।
पेले: ब्राजील का यह दिग्गज फीफा वर्ल्ड कप में गोल दागने वाला सबसे युवा खिलाड़ी है। पेले ने साल 1958 में वेल्स के खिलाफ यह कारनामा किया था। उस समय पेले की उम्र 17 साल 239 दिन थी। ब्राजील ने यह मुकाबला 1-0 से अपने नाम किया था। पेले ने वर्ल्ड कप के अपने 156वें मिनट में पहला गोल किया था।
मैनुअल रोसास: महज 18 साल 93 दिन की उम्र में मैक्सिको की तरफ से खेलते हुए रोसास ने फीफा वर्ल्ड कप 1930 में यह कारनामा किया था। रोसास ने वर्ल्ड कप के अपने 222वें मिनट में खाता खोला था, लेकिन अर्जेंटीना के खिलाफ मैक्सिको ने यह मैच 6-3 से गंवा दिया।
गावी: इस लिस्ट में स्पेनिश फुटबॉलर गावी तीसरे पायदान पर हैं, जिन्होंने फीफा वर्ल्ड कप 2022 में 18 साल 110 दिन की उम्र में गोल किया था। अपना पहला फीफा वर्ल्ड कप गोल करने के लिए गावी ने कुल 74 मिनट का समय लिया। स्पेन ने कोस्टा रिका के खिलाफ यह मैच 7-0 से अपने नाम किया था।
माइकल ओवेन: इंग्लैंड के इस फुटबॉलर ने फीफा वर्ल्ड कप 1998 में रोमानिया के खिलाफ अपना पहला गोल किया था। उस समय ओवेन की उम्र 18 साल 190 दिन थी। इस खिलाड़ी ने वर्ल्ड कप के अपने 14वें मिनट में गोल किया था। हालांकि, इंग्लैंड यह मैच 1-2 से गंवा बैठी थी।
निकोले कोवाक्स: साल 1930 में 18 साल 197 दिन की उम्र में रोमानिया की तरफ से खेलते हुए पेरू के खिलाफ कोवाक्स ने यह गोल किया था। फीफा वर्ल्ड कप में पहला गोल दागने के लिए कोवास्क ने कुल 89 मिनट का समय निकाला। रोमानिया ने यह मुकाबला 3-1 से अपने नाम किया था।
--आईएएनएस
आरएसजी
