43 साल पहले अनिल कपूर ने कन्नड़ सिनेमा में रखा था कदम, पुरानी यादों को ताजा कर बताई अपनी इच्छा
मुंबई, 7 जनवरी (आईएएनएस)। बॉलीवुड में अपनी कॉमेडी और एक्शन भरी फिल्मों से दर्शकों का दिल जीतने वाले अभिनेता अनिल कपूर आज भी सिनेमा जगत में सक्रिय हैं।
अभिनेता को आखिरी बार फिल्म 'फाइटर' में देखा गया था, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अनिल कपूर ने पहली बार बतौर मुख्य भूमिका फिल्म 'वो सात दिन' करने से पहले कन्नड़ फिल्म उद्योग में किस्मत आजमाई थी? अब उनकी पहली कन्नड़ फिल्म ने 43 साल पूरे कर लिए हैं।
अनिल कपूर ने 43 साल पहले कन्नड़ फिल्म में काम किया था और वे फिल्म 'पल्लवी अनु पल्लवी' में दिखे थे। 43 साल पूरे होने पर अभिनेता ने खुशी जाहिर की है और साथ ही उभरते कन्नड़ उद्योग को लेकर दिल छू लेने वाली बात भी कही है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "43 साल पहले, मैंने कन्नड़ फिल्म उद्योग में अपना पहला कदम रखा था। तब से लेकर आज तक कन्नड़ सिनेमा की बढ़ती लोकप्रियता और वैश्विक स्तर पर भारतीय सिनेमा को नई परिभाषा देते देखना अद्भुत है।"
उन्होंने केजीएफ और कांतारा जैसी फिल्मों के निर्माता प्रशांत नील और ऋषभ शेट्टी तथा अभिनेता यश की विशेष सराहना की, जिन्होंने कन्नड़ सिनेमा का स्तर ऊंचा उठाया है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि इस शानदार उद्योग के साथ यह मेरा आखिरी जुड़ाव नहीं होगा।
'पल्लवी अनु पल्लवी' एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म थी, जिसे मणिरत्नम ने निर्देशित किया था और ये उनकी पहली फिल्म थी। फिल्म में अभिनेता ने एक नहीं, दो-दो एक्ट्रेसेस के साथ रोमांस किया है। फिल्म में एक तरफ अभिनेता कॉलेज की लड़की से प्यार करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ एक तलाकशुदा और उम्र में बड़ी महिला के साथ भी गहरा रिश्ता साझा करते हैं। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा रिस्पांस मिला था, और अब अभिनेता दोबारा कन्नड़ फिल्म उद्योग में काम करने के लिए बेताब हैं।
बता दें कि अनिल कपूर ने 1980 की तेलुगु फिल्म "वंश वृक्षम" और 1983 की कन्नड़ फिल्म "पल्लवी अनुपल्लवी" में मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। दोनों की फिल्मों को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला था। "वंश वृक्षम" एसएल भैरप्पा के प्रसिद्ध उपन्यास पर बनी थी।
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