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4 जुलाई का पंचांग: संकष्टी चतुर्थी के समापन पर करें गणपति की पूजा, दोपहर 12:04 से दोपहर 12:58 बजे तक अभिजित मूहुर्त

नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है; यह सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित होता है।
 

नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है; यह सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित होता है।

4 जुलाई 2026 (शनिवार) को आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दोपहर 12:40 बजे तक है; इसके बाद पंचमी तिथि लग जाएगी। इस दिन संकष्टी चतुर्थी तिथि का समापन दोपहर 12:40 बजे होगा। इस दिन व्रत रखने और गणपति की पूजा करने से भक्तों के सभी संकट दूर होते हैं और बुद्धि, समृद्धि तथा सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

शनिवार को अमृत काल नहीं रहेगा, जबकि सुबह 4:13 से 5:01 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा।

इस दिन सुबह 5:49 बजे सूर्योदय और शाम 7:12 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, रात 10:20 बजे चन्द्रोदय और सुबह 10:13 बजे चन्द्रास्त होगा।

पंचांग के अनुसार, 4 जुलाई 2026 को सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जिसके स्वामी राहु हैं। चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र में स्थित रहेगा।

वहीं, 4 जुलाई 2026 (शनिवार) को हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा। इस दिन प्रीति योग शाम 5:02 तक रहेगा।

शनिवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:04 से दोपहर 12:58 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। इस दौरान बिना किसी राहुकाल या अन्य अशुभ समय की चिंता किए कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार शुरू किया जा सकता है।

वहीं, राहुकाल सुबह 9:00 से 10:30 बजे तक रहेगा, गुलिक काल सुबह 5:49-7:30 बजे के आसपास रहेगा।

और दोपहर 2:10 से 3:55 तक यमगंड रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इनको अशुभ समय माना जाता है।

वहीं, 4 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा कुंभ राशि में गोचर करेंगे।

4 जुलाई 2026 (शनिवार) को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। अगर यात्रा करना आवश्यक भी है, तो कुछ अचूक ज्योतिषीय उपायों का पालन करना चाहिए।

--आईएएनएस

एसडी/एएस