36 साल से इंसाफ का इंतजार, कश्मीरी पंडित भूषण लाल की पीएम मोदी से भावुक अपील
नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। कश्मीरी पंडितों को मिल रही धमकियों को लेकर पंडित भूषण लाल ने आईएएनएस से बातचीत में अपनी पीड़ा व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "यह दुख की बात है कि कश्मीरी पंडितों के साथ फुटबॉल जैसा बर्ताव किया जा रहा है, मानो हमें एक तरफ से दूसरी तरफ लात मारी जा सकती है। हम इसी जगह के रहने वाले हैं। हमें हर दिन यहां से चले जाने के नोटिस क्यों मिलते हैं?
पंडित भूषण लाल ने सवाल किया, "हमने क्या किया है? क्या यह हमारी मातृभूमि नहीं है? क्या हम इस देश के नागरिक नहीं हैं? क्या हम इस लोकतांत्रिक देश के निवासी नहीं हैं? हमने क्या अपराध किया है? क्या कश्मीरी पंडित होना ही हमारी एकमात्र गलती है? यह हमारा दुर्भाग्य है कि हम कश्मीर में पैदा हुए। हमें अपने ही देश से विस्थापित हुए 36 साल हो चुके हैं।"
भूषण लाल ने कहा कि भागवान राम को 14 वर्ष का वनवास हुआ था। हमारे यहां जब बच्चा आंख खोलता है तो उसके हाथ में कलम होता है, हम लोगों ने कभी हथियार नहीं उठाए। हम कलम और लैपटॉप चलाना जानते हैं।
कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को मिल रही धमकियों के बारे में जेकेएनसी के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के बयान पर कश्मीरी पंडित भूषण लाल कहते हैं, "वह एक अमीर आदमी, अनुभवी राजनेता और नेता हैं और उनकी सोच बहुत व्यापक है। उन्हें 1990 के पलायन के बारे में भी पता है। उस समय वह भी एक प्रवासी थे और देश छोड़कर चले गए थे। अब जब हालात बेहतर हो गए हैं, तो वह वापस आए और कमान संभाली। अगर उन्होंने ऐसा कहा है तो यह बहुत गलत बात है।"
पंडित भूषण लाल ने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि कश्मीरी पंडित यहां न आए, क्योंकि हमारी जमीनों पर अतिक्रमण हो गया, घरों को जला दिया गया और बगानों को जला दिया गया। हम लोगों की श्मशान भूमि तक पर अतिक्रमण कर लिया गया है। धर्मशालाओं को खत्म कर दिया गया है। जहां से मैं आया हूं, वहां हिंदुओं के 60 घर थे। 1990 में ही 50 घरों के लोग भाग गए। 2003 में बाकी 10 घरों के लोगों को अचानक मार दिया गया।
उन्होंने कहा कि जब अनुच्छेद 370 और 35ए को खत्म किया गया और केंद्र शासित प्रदेश बना तो इनकी दुकानें बंद हो गईं। अब वे लोग नए सिरे से दुकानें खोलना चाहते हैं और टारगेट है कश्मीरी पंडित। पहले हमारे नेताओं को खत्म किया। फिर पूरी कॉलोनियों को खत्म करने लगे। कश्मीरी पंडित वहां रहना चाहते हैं।
पंडित भूषण लाल ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील करते हुए कहा कि पीएम सभी केसों को खोल कर हमें इंसाफ दे दें। हम लोग इंसाफ मांग रहे हैं, हमारे 36 वर्ष जाया हो गए। हम लोग तो कैदी की जिंदगी जी रहे हैं। हम लोगों के कातिलों के केस खुलने चाहिए।
--आईएएनएस
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