Aapka Rajasthan

36 साल पुराने देवकली पंप कैनाल मामले में पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह बरी

गाजीपुर, 15 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के बहुचर्चित देवकली पंप कैनाल प्रकरण में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एमपी-एमएलए) न्यायालय ने पूर्व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) बृजेश सिंह को दोषमुक्त कर दिया है। करीब 36 वर्ष पुराने इस मामले में बुधवार को सुनाए गए फैसले को बृजेश सिंह के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है।
 

गाजीपुर, 15 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के बहुचर्चित देवकली पंप कैनाल प्रकरण में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एमपी-एमएलए) न्यायालय ने पूर्व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) बृजेश सिंह को दोषमुक्त कर दिया है। करीब 36 वर्ष पुराने इस मामले में बुधवार को सुनाए गए फैसले को बृजेश सिंह के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है।

न्यायालय की न्यायाधीश नूतन द्विवेदी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद बृजेश सिंह को आरोपों से बरी कर दिया। अभियोजन के अनुसार, यह मामला 3 दिसंबर 1990 का है। ग्राम धर्ममरपुर स्थित देवकली पंप कैनाल पर हुई घटना के संबंध में सैदपुर थाने में सरफराज अंसारी की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

विवेचना के दौरान पुलिस ने बृजेश सिंह, त्रिभुवन सिंह और विजयशंकर सिंह के नाम सामने आने के बाद तीनों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान सह-आरोपी त्रिभुवन सिंह और विजयशंकर सिंह की ओर से दायर रिट याचिकाएं उच्च न्यायालय में लंबित होने के कारण उनके मामलों को अलग कर दिया गया, जबकि बृजेश सिंह के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई जारी रही।

मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में नौ गवाह पेश किए। साक्ष्यों और दोनों पक्षों की अंतिम बहस के बाद न्यायालय ने बृजेश सिंह को दोषमुक्त कर दिया। फैसले के बाद बृजेश सिंह के अधिवक्ता सुमित श्रीवास्तव ने कहा कि वर्ष 1990 में उनके मुवक्किल के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया गया था।

पुलिस ने जांच के बाद आरोपपत्र दाखिल किया और मुकदमे की सुनवाई के दौरान नौ गवाहों के बयान दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने बृजेश सिंह को बरी कर दिया। वहीं, मामले के अन्य दो आरोपियों त्रिभुवन सिंह और विजयशंकर सिंह के विरुद्ध आगे की कार्रवाई उनकी लंबित रिट याचिकाओं पर उच्च न्यायालय के निर्णय के अधीन रहेगी।

--आईएएनएस

विकेटी/डीकेपी