31 साल 202 दिन की उम्र में कप्तानी, अय्यर के नाम पर जुड़ा ये रिकॉर्ड
बेलफास्ट, 26 जून (आईएएनएस)। श्रेयस अय्यर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कप्तानी संभालने वाले तीसरे सबसे उम्रदराज भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। अय्यर शुक्रवार को 31 साल और 202 दिन की उम्र में आयरलैंड के विरुद्ध टी20 सीरीज के पहले मैच में बतौर कप्तान उतरे।
इस लिस्ट में शिखर धवन शीर्ष पर हैं, जिन्होंने 35 साल 232 दिन की उम्र में पहली बार भारत की टी20 टीम का जिम्मा संभाला था। वहीं, सूर्यकुमार यादव इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने 33 साल 70 दिन की उम्र में ऐसा किया था। रोहित शर्मा (30 साल 234 दिन) और केएल राहुल (30 साल 143 दिन) इस फेहरिस्त में क्रमश: चौथे और पांचवें स्थान पर मौजूद हैं।
इससे पहले, अय्यर 3 दिसंबर 2023 को भारतीय टी20 टीम में खेले थे। उस मैच में अय्यर ने 37 गेंदों में 7 बाउंड्री के साथ 53 रन बनाए थे, लेकिन इसके बाद उन्हें टी20 टीम से लगातार बाहर रखा गया। अब जब अय्यर टी20 में लौटे हैं, तो उनसे पास टीम की कमान है।
पिछले कुछ वर्षों में अय्यर की अहमियत काफी बढ़ी है, जिन्होंने साल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का खिताब जिताया और फिर पंजाब किंग्स की किस्मत बदली। अब वे एक बार फिर गंभीर के साथ जुड़ रहे हैं, जो 2024 में केकेआर के मेंटॉर थे। साल 2018 में, जब अय्यर खराब फॉर्म से जूझ रहे गंभीर ने दिल्ली डेयरडेविल्स के कप्तान का पद छोड़ा था, तो उन्होंने इस भूमिका के लिए अय्यर का समर्थन किया था।
अय्यर ने भारत की तरफ से 51 टी20 मैच खेले हैं, जिसमें 30.66 की औसत के साथ 1,104 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 8 अर्धशतक निकले हैं। वहीं, 147 आईपीएल मुकाबलों में अय्यर 35.83 की औसत के साथ 4,229 रन जुटा चुके हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 1 शतक और 32 अर्धशतक निकले हैं।
श्रेयस अय्यर ने अपनी टीम के साथियों को इस सीरीज के दौरान एक मजबूत टीम कल्चर बनाने और निडर होकर क्रिकेट खेलने को कहा है। अय्यर पहली बार टी20 फॉर्मेट में भारत की कप्तानी करने की तैयारी कर रहे हैं और इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज से पहले उन्होंने टीम से एक-दूसरे का साथ देने और 'शेरों की तरह खेलने' की अपील की है।
अय्यर ने सीरीज से पहले प्रैक्टिस सेशन के दौरान कहा था, "आइए, आगे बढ़ते हुए एक मजबूत कल्चर बनाने की कोशिश करें। जैसा कि गौती भाई (गौतम गंभीर) ने कहा, भारतीय टीम की कप्तानी करने का मेरा पहला मौका निश्चित रूप से सम्मान और सौभाग्य की बात है। देश का नेतृत्व करना भी बहुत सम्मान की बात है। इसलिए आगे बढ़ते हुए, मैं ऐसा कल्चर बनाना चाहता हूं, जहां हम सभी अच्छे और बुरे समय में एक-दूसरे का बचाव करें और एक-दूसरे का साथ दें, और सबसे जरूरी बात यह है कि जब हम यहां हों, तो जितना हो सके लुत्फ उठाएं। यह एक शानदार मौका है, और यह एक परिवार है। आइए, शेरों की तरह खेलें और हर गेम को ऐसे खेलें जैसे हम उसे जीतने वाले हैं और अपनी पूरी क्षमता से खेलें। ऐसा माहौल बनाएं, जहां हम एक-दूसरे का हौसला बढ़ाएं और एक-दूसरे की सफलता का आनंद लें।"
--आईएएनएस
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