3 प्रमुख तेज गेंदबाज और नीतीश-दुबे भी मौजूद, आयरलैंड-इंग्लैंड सीरीज में प्रिंस को कैसे मिलेगी प्लेइंग-11 में जगह?
नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए चुनी गई भारतीय टीम में कुल चार तेज गेंदबाजों को जगह दी गई है, जिसमें उभरते हुए गेंदबाज प्रिंस यादव का भी नाम शामिल है। अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे टीम में मौका मिलने के बाद प्रिंस टी20 के लिए भी सिलेक्टर्स का भरोसा जीतने में सफल रहे हैं। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रिंस इस पूरे दौरे पर प्लेइंग इलेवन में जगह बना पाएंगे और अगर टीम मैनेजमेंट उनको खिलाने का फैसला लेता है, तो कौन बाहर बैठ सकता है।
जसप्रीत बुमराह को आयरलैंड-इंग्लैंड सीरीज के लिए आराम दिया गया है। ऐसे में तेज गेंदबाज की अगुवाई मोहम्मद सिराज करते हुए नजर आएंगे। अब सिराज का साथ देने के लिए पहले से ही अर्शदीप सिंह मौजूद हैं। वहीं, हर्षित राणा भी पूरी तरह से फिट होकर टीम में लौट आए हैं। हर्षित पर भारतीय टीम मैनेजमेंट ने पीछे भी काफी भरोसा दिखाया है। हर्षित के साथ अच्छी बात यह है कि वह गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी अहम योगदान दे सकते हैं। ऐसे में प्रिंस की प्लेइंग इलेवन में जगह बनती हुई दिखाई नहीं दे रही है।
आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेलते हुए प्रिंस ने 14 मुकाबलों में 16 विकेट निकाले थे। प्रिंस ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर तब खींचा था, जब उन्होंने बेहतरीन गेंद पर विराट कोहली को क्लीन बोल्ड कर दिया था। टी20 से पहले अफगानिस्तान के खिलाफ प्रिंस को वनडे में आजमाया जा सकता है और 50 ओवर के फॉर्मेट के प्रदर्शन से ही शायद यह तय हो कि उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड में अंतिम एकादश में मौका मिलेगा या नहीं।
प्रिंस के लिए जगह बनाने इस वजह से भी मुश्किल नजर आ रहा है, क्योंकि नीतीश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे को भी टी20 टीम में रखा गया है, जो बल्ले के साथ-साथ गेंदबाजी कर सकते हैं। अब अगर टीम मैनेजमेंट प्रिंस की काबिलियत से बहुत ज्यादा प्रभावित होगा, तो उन्हें मौका मिलने का चांस सिर्फ आयरलैंड के खिलाफ नजर आ रहा है। दिक्कत यह है कि आयरलैंड के खिलाफ भारत को सिर्फ 2 ही टी20 खेलने हैं।
ऐसे में यह सवाल भी उठता है कि क्या प्रिंस को इस दौरे पर ले जाने का फैसला सही है? सिलेक्टर्स के पास यह भी विकल्प था कि वह प्रिंस को श्रीलंका के खिलाफ होने वाली सीरीज में भारत ए टीम की ओर से भेजते। इस सीरीज में प्रिंस को कम से कम मैदान पर उतरने का मौका मिलता और वह अपनी गेंदबाजी की धार दिखा पाते।
--आईएएनएस
एसएम/एएस
