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3 मार्च का पंचांग: पूर्णिमा पर विजय मुहूर्त, नोट कर लें अमृत और राहुकाल

नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। यह रोजाना के शुभ-अशुभ समय, तिथि, नक्षत्र, योग और मुहूर्त की पूरी जानकारी देता है। 3 मार्च को मंगलवार और फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि है। मंगलवार आदि शक्ति और श्रीराम भक्त हनुमान को समर्पित है।
 
3 मार्च का पंचांग: पूर्णिमा पर विजय मुहूर्त, नोट कर लें अमृत और राहुकाल

नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। यह रोजाना के शुभ-अशुभ समय, तिथि, नक्षत्र, योग और मुहूर्त की पूरी जानकारी देता है। 3 मार्च को मंगलवार और फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि है। मंगलवार आदि शक्ति और श्रीराम भक्त हनुमान को समर्पित है।

इस दिन कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं, खासकर विजय मुहूर्त और अमृत काल। जानते हैं 3 मार्च का पूरा पंचांग।

मंगलवार को सूर्योदय 6 बजकर 44 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 22 मिनट पर होगा। पूर्णिमा तिथि शाम 5 बजकर 7 मिनट तक है। उदयातिथि के अनुसार, पूरे दिन पूर्णिमा का मान होगा। नक्षत्र मघा सुबह 7 बजकर 31 मिनट तक, उसके बाद पूर्वाफाल्गुनी है। योग सुकर्मा सुबह 10 बजकर 25 मिनट तक और करण बव शाम 5 बजकर 7 मिनट तक है।

शुभ-अशुभ समय का विचार भी जरूरी है। विजय मुहूर्त में नए कार्य, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ माना जाता है। वहीं राहुकाल में शुभ कार्य वर्जित हैं। अमृत काल रात में उपलब्ध है, जो पूजा-पाठ और मंत्र जप के लिए बहुत अच्छा समय है। पंचांग के अनुसार दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त से करना शुभकर होता है।

मंगलवार को शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 5 मिनट से 5 बजकर 55 मिनट तक है। अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से 12 बजकर 56 मिनट तक विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 29 मिनट से 3 बजकर 16 मिनट तक है। वहीं, गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 20 मिनट से 6 बजकर 44 मिनट तक और अमृत काल रात 1 बजकर 13 मिनट से 2 बजकर 49 मिनट तक है। निशीथ मुहूर्त रात 12 बजकर 8 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक है।

मंगलवार को शुभ मुहूर्त के साथ अशुभ समय का विचार भी जरूरी है। राहुकाल – दोपहर 3 बजकर 28 मिनट से 4 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। यमगंड सुबह 9 बजकर 39 मिनट से 11 बजकर 6 मिनट तक और गुलिक काल – दोपहर 12 बजकर 33 मिनट से 2 बजे तक रहेगा। वहीं, दुर्मुहूर्त – सुबह 9 बजकर 4 मिनट से 9 बजकर 50 मिनट तक और आडिल योग, गण्ड मूल – सुबह 6 बजकर 44 मिनट से 7 बजकर 31 मिनट तक है। वर्ज्य – दोपहर 3 बजकर 34 मिनट से 5 बजकर 10 मिनट तक है।

--आईएएनएस

एमटी/एएस