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25 से 30 ओवर के बाद गेंद नरम पड़ जाएगी, हमें इसके लिए तैयार रहना होगा: मोर्ने मोर्केल

गॉल, 13 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के गेंदबाज कोच मोर्ने मोर्केल ने टीम के तेज गेंदबाजों को श्रीलंका की गर्मी, उमस और कूकाबुरा गेंद के बदलते मिजाज के हिसाब से खुद को जल्द से जल्द ढालने की सलाह दी है। उन्होंने जोर दिया कि शनिवार से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज में जोश बनाए रखना और दबाव बनाने के लिए नए तरीके खोजना बहुत जरूरी होगा।
 

गॉल, 13 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के गेंदबाज कोच मोर्ने मोर्केल ने टीम के तेज गेंदबाजों को श्रीलंका की गर्मी, उमस और कूकाबुरा गेंद के बदलते मिजाज के हिसाब से खुद को जल्द से जल्द ढालने की सलाह दी है। उन्होंने जोर दिया कि शनिवार से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज में जोश बनाए रखना और दबाव बनाने के लिए नए तरीके खोजना बहुत जरूरी होगा।

घुटने की चोट के कारण जसप्रीत बुमराह के सीरीज से बाहर होने से भारत के तेज गेंदबाजी विभाग को बड़ा झटका लगा है। अब मोहम्मद सिराज तेज गेंदबाजी आक्रमण के सबसे अनुभवी सदस्य हैं, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार और हाल ही में टीम में शामिल किए गए आकिब नबी अन्य विकल्प हैं।

मोर्केल का मानना ​​है कि ये हालात भारतीय तेज गेंदबाजों की उस क्षमता की परीक्षा लेंगे कि जब गेंद अपनी सख्ती खो देती है, तो वे अपनी योजनाओं में कैसे बदलाव करते हैं। 'ईएसपीएन क्रिकइन्फो' के अनुसार, मोर्केल ने कहा, "हमारे पास हुनर ​​है और योजना भी होगी, लेकिन श्रीलंका आने पर सबसे बड़ी चुनौती गर्मी, उमस और कूकाबुरा गेंद का थोड़ा जल्दी नरम पड़ जाना है। यह 25 या 30 ओवर के बाद नरम हो जाएगी, इसलिए हमें इसके लिए तैयार रहना होगा। ऐसे हालात में सब कुछ आपकी सोच पर निर्भर करता है। अगर आप तेज गेंदबाज हैं और छोटे स्पेल में गेंदबाजी करने जा रहे हैं, तो गेंद में जो ऊर्जा आप लगाते हैं और उसे सही जगह पर डालते हैं, तो इससे आपको हमेशा मौका मिलेगा।"

मोर्केल की चाहत है कि भारत के तेज गेंदबाज अपने स्पेल के शुरुआती दौर का पूरा फायदा उठाएं और फिर गेंद पुरानी होने पर मौके बनाने के लिए दूसरे तरीके अपनाएं। उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे टेस्ट मैच आगे बढ़ेगा, उम्मीद है कि गेंद का उछाल थोड़ा असमान हो जाएगा। बात यह है कि हम कैसे जोश के साथ लगातार ओवर फेंक सकते हैं और दबाव बना सकते हैं, क्योंकि हमने पिछले कुछ महीनों में ज्यादा लाल-गेंद क्रिकेट नहीं खेला है; इसलिए उसमें वापस लौटना भी एक चुनौती होगी।"

साउथ अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज का मानना ​​है कि जोरदार तरीके से गेंद पटकना और अनुशासित लेंथ बनाए रखना श्रीलंका के हालात में भी बल्लेबाजों को परेशान कर सकता है। फिर भी, जब कूकाबुरा गेंद अपनी सख्ती खो देगी, तो गेंदबाजों को और ज्यादा नए तरीके आजमाने होंगे। मोर्केल ने कहा, "हमारे खेलने के दिनों में भी मुझे लगता था कि अगर आप यहां जोर से गेंद पटकते हैं और 'गुड लेंथ' पर लगातार गेंदबाजी करते हैं तो आप बल्लेबाज से कई तरह के सवाल पूछते हैं, तो आपके पास अच्छे नतीजे पाने का मौका हमेशा रहता है।"

उन्होंने आगे कहा, "जब गेंद पुरानी और नरम हो जाती है, तो हमारा अगला कदम क्या होना चाहिए? हमें यह तय करने में समझदारी दिखानी होगी कि हम क्रीज का इस्तेमाल कैसे करें या शॉर्ट बॉल का इस्तेमाल कैसे करें। हमें ये चीजें काफी तेजी से करने की जरूरत है।" भारत और श्रीलंका के बीच सीरीज का पहला टेस्ट मैच 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है।

--आईएएनएस

एसएम/डीकेपी