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फिल्म 'लज्जा' ने पूरे किए 25 साल, जैकी श्रॉफ ने शेयर किया खास वीडियो

मुंबई, 31 अगस्त (आईएएनएस)। सिनेमा समाज का एक आईना होता है, जो अपनी कहानियों के जरिए उन आवाजों और सच को सामने लाता है जो अक्सर कहीं दबरकर रह जाती है। साल 2001 में रिलीज हुई फिल्म 'लज्जा' इसका बड़ा उदाहरण है। सोमवार को फिल्म ने अपनी रिलीज के 25 साल पूरे कर लिए हैं।
 

मुंबई, 31 अगस्त (आईएएनएस)। सिनेमा समाज का एक आईना होता है, जो अपनी कहानियों के जरिए उन आवाजों और सच को सामने लाता है जो अक्सर कहीं दबरकर रह जाती है। साल 2001 में रिलीज हुई फिल्म 'लज्जा' इसका बड़ा उदाहरण है। सोमवार को फिल्म ने अपनी रिलीज के 25 साल पूरे कर लिए हैं।

इस अवसर पर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने 25 साल पूरे होने का जश्न मनाया। अभिनेता ने इंस्टाग्राम स्टोरीज सेक्शन पर फिल्म के क्लिप का एक मोंटाज वीडियो पोस्ट किया, जिसके साथ उन्होंने लिखा, "फिल्म लज्जा ने अपनी रिलीज के 25 साल पूरे कर लिए हैं।"

फिल्म 'लज्जा' में जैकी श्रॉफ ने रघुनाथ (रघु) नाम का किरदार निभाया था, जो मुख्य किरदार वैदेही (मनीषा कोइराला) का पति होता है। फिल्म में उनका किरदार एक अमीर और एनआरआई पति का है, जो बंद दरवाजों के पीछे अपनी पत्नी के प्रति अभद्र व्यवहार और बेवफाई करता है।

निर्देशक ने अपनी दमदार कहानी के साथ-साथ कास्ट का चयन भी जबरदस्त किया था। इसमें मनीषा कोइराला (वैदेही) माधुरी दीक्षित (जानकी) रेखा (रामदुलारी) महिमा चौधरी (मैथिली) अजय देवगन (राजू) अनिल कपूर (बुल्ला) जैकी श्रॉफ (रघु) समेत कई कलाकार शामिल थे।

हालांकि, कहानी के साथ-साथ इसके संगीत को भी प्यार मिला था।

फिल्म की मुख्य कहानी वैदेही (मनीषा कोइराला) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अमेरिका में रहने वाले अपने पति रघु (जैकी श्रॉफ) के अत्याचार से परेशान होकर गर्भवती होने के बाद भागकर भारत आती है। अपनी इस यात्रा और आजादी की तलाश में वह अलग-अलग पृष्ठभूमि की तीन अन्य महिलाओं से मिलती है, जिनमें मैथिली (महिमा चौधरी), जानकी (माधुरी दीक्षित) और रामदुलारी (रेखा) होती हैं। ये सभी महिलाएं पितृसत्तात्मक समाज और घरेलू हिंसा का शिकार होती हैं, लेकिन वे हार मानने के बजाय अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करती हैं।

यह फिल्म समाज में महिलाओं की स्थित, उनके साथ होने वाले शोषण और उनसे जुड़े अन्याय को गहराई से दिखाती है। इसके साथ ही, यह महिलाओं के हक के लिए खड़े होने और नारी सशक्तीकरण का मजबूत संदेश देती है। साथ ही, फिल्म का उद्देश्य समाज के उस कड़वे सच को सामने लाना था जहां आज भी महिलाओं को बराबरी और सम्मान नहीं मिलता।

--आईएएनएस

एनएस/एएस