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भाजपा 25 साल का जश्न मना रही, लेकिन युवा, किसान और महंगाई पर चुप क्यों: शक्ति सिंह गोहिल

नई दिल्ली, 9 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रस्तावित कार्यक्रमों को लेकर कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने रोजगार, पेपर लीक, किसानों की स्थिति, महंगाई और जीडीपी के आंकड़ों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी की 'फूफा' वाली टिप्पणी और हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी।
 

नई दिल्ली, 9 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रस्तावित कार्यक्रमों को लेकर कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने रोजगार, पेपर लीक, किसानों की स्थिति, महंगाई और जीडीपी के आंकड़ों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी की 'फूफा' वाली टिप्पणी और हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी।

शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि आम तौर पर किसी सरकार या व्यक्ति ने अच्छा काम किया हो तो उसे अलग से प्रचारित करने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि काम खुद बोलता है। भाजपा सरकार ने अच्छे काम के बजाय ऐसे 'कारनामे' किए हैं, जिनके कारण उसे प्रचार की जरूरत पड़ रही है।

उन्होंने कहा कि देश का युवा रोजगार को लेकर परेशान है, पेपर लीक की घटनाएं सामने आती हैं और किसानों की स्थिति खराब है। महंगाई और जीडीपी के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। ऐसे समय में 25 साल के कार्यकाल का बड़ा प्रचार कार्यक्रम जनता के वास्तविक सवालों से ध्यान हटाने की कोशिश है।

प्रधानमंत्री की 'नाराज फूफा' वाली टिप्पणी पर गोहिल ने कहा कि परिवार में किसी सदस्य के अच्छे काम से आम तौर पर खुशी होती है। हर व्यक्ति किसी न किसी परिवार में किसी का फूफा होता है और इस तरह की टिप्पणी रिश्तों की भावना का अपमान है। गोहिल ने तंज कसते हुए कहा कि शायद प्रधानमंत्री के परिवार में ऐसे अनुभव रहे हों, लेकिन सामान्य तौर पर फूफा भी परिवार के किसी सदस्य की सफलता पर खुश होता है।

हल्द्वानी में शुद्धिकरण मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उस बयान पर भी गोहिल ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कांग्रेस से सबूत, फोटो या वीडियो दिखाने की बात कही थी। गोहिल ने कहा कि कैमरे के सामने कुछ लोगों ने शुद्धिकरण की बात कही थी और भाजपा के नेताओं ने उनका बचाव किया। उन्होंने सवाल किया कि इससे बड़ा प्रमाण और क्या चाहिए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि दलित, आदिवासी और महिलाओं के प्रति भाजपा की विचारधारा के कारण ऐसी घटनाएं होती हैं। आपराधिक मामले में प्रशासन को जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। मुख्यमंत्री के बयान पर आपत्ति जताते हुए गोहिल ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान इस तरह की राजनीतिक टिप्पणी उचित नहीं है।

--आईएएनएस

पीएसके