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23 मई का पंचांग : मासिक दुर्गाष्टमी पर अभिजीत मुहूर्त के साथ रवि योग, भद्रा की भी छाया

नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। यह पर्व-त्योहार, शुभ-अशुभ समय और रोजमर्रा के कार्यों के लिए दिशा-निर्देश भी प्रदान करता है। 23 मई (शनिवार) 2026 को मासिक दुर्गाष्टमी है। इस दिन माता दुर्गा की आराधना का विशेष विधान है। इस दुर्गाष्टमी पर अभिजीत मुहूर्त और रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है, हालांकि भद्रा की छाया भी रहेगी।
 
23 मई का पंचांग : मासिक दुर्गाष्टमी पर अभिजीत मुहूर्त के साथ रवि योग, भद्रा की भी छाया

नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। यह पर्व-त्योहार, शुभ-अशुभ समय और रोजमर्रा के कार्यों के लिए दिशा-निर्देश भी प्रदान करता है। 23 मई (शनिवार) 2026 को मासिक दुर्गाष्टमी है। इस दिन माता दुर्गा की आराधना का विशेष विधान है। इस दुर्गाष्टमी पर अभिजीत मुहूर्त और रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है, हालांकि भद्रा की छाया भी रहेगी।

शनिवार को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है, जो 23 मई को देर रात 4 बजकर 27 मिनट तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि रहेगी। सूर्योदय 5 बजकर 26 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 10 मिनट पर होगा। चन्द्रोदय दोपहर 12 बजकर 4 मिनट और चन्द्रास्त 24 मई की सुबह 1 बजकर 5 मिनट पर होगा।

नक्षत्र मघा शनिवार को पूरे दिन के साथ ही 24 मई की दोपहर 2 बजकर 9 मिनट तक रहेगा, इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी रहेगा। वहीं, योग ध्रुव 23 मई की सुबह 6 बजकर 14 मिनट तक है, इसके बाद व्याघात और करण विष्टि शाम 4 बजकर 40 मिनट तक रहेगा।

दुर्गा मासिक अष्टमी के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 4 मिनट से 4 बजकर 45 मिनट तक, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक है। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 35 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक, गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 8 मिनट से 7 बजकर 29 मिनट तक और अमृत काल रात 11 बजकर 45 मिनट से 24 मई की सुबह 1 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। साथ ही निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 38 मिनट तक और रवि योग 24 मई की सुबह 2 बजकर 9 मिनट से सुबह 5 बजकर 26 मिनट तक रहेगा।

अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल सुबह 8 बजकर 52 मिनट से 10 बजकर 35 मिनट तक, यमगण्ड दोपहर 2 बजकर 1 मिनट से 3 बजकर 44 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 5 बजकर 26 मिनट से 7 बजकर 9 मिनट तक, दुर्मुहूर्त सुबह 5 बजकर 26 मिनट से 7 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। वहीं, भद्रा सुबह 5 बजकर 26 मिनट से शाम 4 बजकर 40 मिनट तक रहेगा।

--आईएएनएस

एमटी/एएस