2027 के यूपी चुनाव में अगर भाजपा 50 सीटें भी जीत ले तो छोड़ दूंगा राजनीति: अवधेश प्रसाद
लखनऊ, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर चुनौती देते हुए कहा कि अगर भाजपा उस चुनाव में 50 सीटें भी जीत ले तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
लखनऊ में आईएएनएस से बातचीत में सपा सांसद ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को पता नहीं चलेगा कि यूपी में कभी उनकी सरकार भी थी। अगर भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में 50 सीटें भी जीत ले तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।
सपा सांसद ने भाजपा द्वारा सपा मुखिया अखिलेश यादव को लेकर जारी किए पोस्टर को बेहद ओछी राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि यह भाजपा की विचारधारा है। अगर ऐसा नहीं होता तो जिस कुर्सी पर अखिलेश यादव बैठे थे, उसे गंगाजल से क्यों नहीं धुलवाया गया। आजम खान पर किताब चोरी, मुर्गी चोरी जैसे आरोप लगाए गए। क्या आजम खान साइकिल चोरी या मुर्गा चोरी करेंगे। यह उनकी छोटी मानसिकता है, जिसे जनता अच्छी तरह समझ चुकी है।
सपा सांसद ने कहा कि भाजपा कभी भी महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती है। संसद में यह भाजपा का राजनीतिक खेल था, जिसमें उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा।
महिला आरक्षण को लेकर सपा सांसद ने कहा कि बिल 2023 में सर्वसम्मति से पास हो चुका था। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, किसी ने इसका विरोध नहीं किया था। फिर इसे लागू क्यों नहीं किया गया?
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की मंशा ‘चित भी मेरी, पट भी मेरी’ वाली है। सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि इन्हें पहले से पता था कि बिल पास नहीं हो पाएगा सदन में हारते ही एक मिनट में पर्चे बंटने लगे। पर्चे छपने में समय लगता है, लेकिन इनकी महिला कार्यकर्ताओं ने पहले से इंतजाम कर रखा था। संशोधल बिल पास हुआ तो क्रेडिट लेंगे, नहीं हुआ तो विपक्ष पर आरोप लगाएंगे।
अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि बिल के आड़ में पिछड़ी और अनुसूचित जनजाति का हक मारने की साजिश की जा रही थी, जिसे विपक्षी दलों ने पहले से ही भांप लिया था।
सपा सांसद ने कहा कि समाजवादी पार्टी महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के साथ पूरी तरह खड़ी है। हमारे नेता अखिलेश यादव महिलाओं के आरक्षण के पक्षधर हैं। स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव महिलाओं का कितना सम्मान करते थे, इसका उदाहरण यह है कि सपा सरकार में पहली बार पंचायती चुनावों में महिलाओं को आरक्षण दिया गया।
मंत्री ओपी राजभर के बयान पर सपा सांसद ने कहा कि जिस व्यक्ति की बात की जा रही है, उसकी कोई हैसियत नहीं है। जिस पार्टी में वे गए हैं, वहां भी उनकी कोई अहमियत नहीं। न पार्टी में प्रभाव है, न सरकार में और न ही अपने क्षेत्र में। वे अपने बेटे को भी जिता नहीं पाए।
--आईएएनएस
डीकेएम/वीसी
