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2026 तक हरियाणा-112 को दुनिया का सबसे तेज आपातकालीन मॉडल बनाने की दिशा में होंगे प्रयास : डीजीपी

चंडीगढ़, 12 जनवरी (आईएएनएस)। हरियाणा की आपातकालीन सेवा हरियाणा 112–ईआरएसएस ने वर्ष 2025 में राज्य में सुरक्षा और राहत सेवाओं की दिशा में एक मील का पत्थर स्थापित किया है। 12 जुलाई 2021 को लॉन्च किए गए इस एकीकृत हेल्पलाइन प्लेटफॉर्म ने चार वर्षों में अपनी पहुंच और विश्वसनीयता दोनों में अत्यधिक वृद्धि की है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक इस प्रणाली पर 2.75 करोड़ से अधिक कॉल दर्ज हुई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि नागरिक अब हर आपातकालीन स्थिति में सबसे पहले ‘112’ को ही सहायता के लिए याद करते हैं।
 
2026 तक हरियाणा-112 को दुनिया का सबसे तेज आपातकालीन मॉडल बनाने की दिशा में होंगे प्रयास : डीजीपी

चंडीगढ़, 12 जनवरी (आईएएनएस)। हरियाणा की आपातकालीन सेवा हरियाणा 112–ईआरएसएस ने वर्ष 2025 में राज्य में सुरक्षा और राहत सेवाओं की दिशा में एक मील का पत्थर स्थापित किया है। 12 जुलाई 2021 को लॉन्च किए गए इस एकीकृत हेल्पलाइन प्लेटफॉर्म ने चार वर्षों में अपनी पहुंच और विश्वसनीयता दोनों में अत्यधिक वृद्धि की है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक इस प्रणाली पर 2.75 करोड़ से अधिक कॉल दर्ज हुई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि नागरिक अब हर आपातकालीन स्थिति में सबसे पहले ‘112’ को ही सहायता के लिए याद करते हैं।

बढ़ती कॉल संख्या सेवा की लोकप्रियता, विश्वसनीयता और राज्य सरकार के प्रयासों को स्पष्ट रूप से दिखाती है।

राज्य के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा 112 की उल्लेखनीय उपलब्धियां राज्य की आपातकालीन सेवाओं के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में 112 ने 2.75 करोड़ से अधिक कॉलों को संभालते हुए जनता का विश्वास जीता है और औसत रेस्पॉन्स टाइम को 16 मिनट 14 सेकंड से घटाकर 9 मिनट 33 सेकंड तक लाना पुलिस, स्वास्थ्य और फायर सेवाओं के बेहतर समन्वय का सशक्त प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि 92.60 प्रतिशत कॉलर्स का संतुष्ट होना इस सेवा की विश्वसनीयता और टीमवर्क का परिणाम है।

डीजीपी ने 2026 के विजन को साझा करते हुए बताया कि आने वाले वर्ष में हरियाणा 112 को पूरी तरह ऑटो डिस्पैच आधारित, एआई संचालित और रियल-टाइम मॉनिटरिंग से सुसज्जित किया जाएगा, जिसमें निजी एम्बुलेंस और ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से पहुंचने के लिए उन्नत रूटिंग सिस्टम को शामिल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि लक्ष्य है कि 2026 के अंत तक रिस्पांस टाइम को और कम करके ‘गोल्डन मिनट्स’ में मदद पहुंचाई जाए, ताकि हर नागरिक को हर परिस्थिति में सुरक्षित, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सहायता उपलब्ध हो सके।

हरियाणा 112 की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रेस्पांस टाइम में दिन-प्रतिदिन सुधार है। जुलाई 2021 में जहां पुलिस ईआरवी का औसत प्रतिक्रिया समय 16 मिनट 14 सेकंड दर्ज किया गया था, वहीं दिसंबर 2025 में यह घटकर सिर्फ 9 मिनट 33 सेकंड रह गया। यह सुधार पुलिस बल, स्वास्थ्य सेवाओं, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक तंत्र के बीच बेहतर समन्वय, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग का परिणाम है। रेस्पॉन्स टाइम में आई यह कमी नागरिकों के जीवन की सुरक्षा और आपात स्थितियों में समय पर मदद पहुंचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा सकती है।

एडीजीपी हरदीप दून का कहना है कि तेजी से प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में ईआरवी की तैनाती, जीपीएस ट्रैकिंग और डिस्पैच सिस्टम को निरंतर अपग्रेड किया गया है, जिसके उत्कृष्ट परिणाम सामने आये हैं।

हरियाणा -112 की सेवाओं को लेकर नागरिक संतुष्टि भी लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2025 के अंत तक किए गए विश्लेषण में 92.60 प्रतिशत कॉलर्स ने सेवाओं को संतोषजनक बताया। नागरिकों की संतुष्टि का एक कारण ये भी माना जा सकता है कि राज्य ने पुलिस, फायर, मेडिकल, यातायात, साइबर अपराध, डिज़ास्टर मैनेजमेंट, महिला हेल्पलाइन और चिल्ड्रन हेल्पलाइन जैसे सभी महत्त्वपूर्ण नंबरों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ दिया है। अब लोग किसी भी तरह की आपात स्थिति में विभिन्न नंबर खोजने के बजाय सिर्फ “112” डायल कर तुरन्त सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इससे न केवल प्रक्रिया सरल हुई है, बल्कि राहत पहुंचाने में समय की बचत भी हुई है। इसके साथ ही ईआरवी की संख्या और उपलब्धता ने भी सेवा को मजबूत बनाया है, जिसमें पुलिस, फायर, एम्बुलेंस और पीसीआर वाहनों का बड़ा नेटवर्क शामिल है।

हरियाणा-112 अब तकनीकी नवाचारों के साथ और अधिक सशक्त हो रहा है। जुलाई 2025 में पंचकूला जिले में 'ऑटो डिस्पैच पायलट शुरू' किया गया, जिसका उद्देश्य मानवीय हस्तक्षेप को कम करते हुए एसओएस कॉल प्राप्त होते ही स्वत: ईआरवी भेजना है। इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के उपरांत इसे अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। इसके अलावा, जीपीएस आधारित ईआरवी परफॉरमेंस ऑडिट मॉडयूल को भी लागू किया गया है, जो प्रत्येक घटना के बाद वाहन की गति, प्रतिक्रिया और घटना स्थल से दूरी जैसे महत्वपूर्ण मापदंडों का स्वत: विश्लेषण करता है। यह मॉड्यूल पारदर्शिता, जवाबदेही और परफॉरमेंस इम्प्रूवमेंट के लिए महत्वपूर्ण साधन साबित हो रहा है। इसके साथ ही सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निजी अस्पतालों की एम्बुलेंस को 112 प्रणाली से जोड़ना भी राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है। वर्तमान में पार्क हॉस्पिटल ग्रुप की पाँच एम्बुलेंस इस पायलट मॉडल में शामिल होकर सफलतापूर्वक सेवा दे रही हैं।

दून का कहना है कि आने वाले समय में 112 प्रणाली को और अधिक उन्नत किया जाएगा, ताकि प्रतिक्रिया समय को और कम किया जा सके और पूरे राज्य में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी, सुलभ और त्वरित बनाया जा सके। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि सुधारों का यही क्रम जारी रहा, तो हरियाणा 112 देश के सबसे श्रेष्ठ आपातकालीन सेवा मॉडल के रूप में स्थापित होगा।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी