2024 से अब तक हुए चुनावों को रद्द करने के साथ ही पीएम मोदी को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए: पप्पू यादव
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन, चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका और राहुल गांधी द्वारा पर चाय पर विपक्षी नेताओं को बुलाए जाने पर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और शिवसेना यूबीटी के संजय राउत ने टिप्पणी की।
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "देश में अब चुनाव आयोग का ही मुद्दा नहीं बचा है। 2024 से अब तक जितने चुनाव हुए, उसको रद्द किया जाना चाहिए। नरेंद्र मोदी बिना जनता के वोट के प्रधानमंत्री बने हैं, इसलिए उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। देश की जनता के लिए अब लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था नहीं बची है। खान-पान पर 8 फीसदी महंगाई बढ़ गई है। देश की सारी संस्था कैद हैं, इसलिए हमारे पास सिर्फ सुप्रीम कोर्ट उम्मीद की किरण है। अगर सुप्रीम कोर्ट ही 140 करोड़ की जनता की बात न सुने और कहे कि नियम से अपनी बात रखिए। वहीं, जब चंद्रचूर्ण भारत के मुख्य न्यायाधीश थे, तब प्रधानमंत्री उनके घर जाते थे। देश की 65 फीसदी जनता की आवाज विपक्ष है।"
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कहा, "हालात और कल राहुल गांधी की अपील को देखते हुए 'जेन जी' के साथ पूरा देश सड़कों पर उतर आया था। मैं कांग्रेस की बात नहीं कर रहा, सड़कों पर 'जेन जी' के लोग भरे हुए थे। कांग्रेस कार्यकर्ता शायद ही कहीं दिखे, और जो दिखे भी, वे अकेले-अकेले ही नजर आए। असली कांग्रेसी कार्यकर्ता तो घरों में ही रहे। जो चीज साफ दिखी, वह थी विपक्ष की एकता, लेकिन वहां सिर्फ विपक्ष के नेता ही नहीं थे। आम लोग भी मौजूद थे और यह राहुल गांधी के संघर्ष का ही नतीजा है। कल पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सामने नहीं आए, लेकिन लोग इस मकसद को पूरा करने के लिए आगे आए, यहां तक कि अपने बच्चों और परिवार वालों को भी साथ लेकर आए।"
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, "राहुल गांधी ने हम सबको बुलाया है, सबसे पहले बात होगी, चाय पर बुलाया है, आगे की दिशा क्या है, वो तय होगी।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने पर संजय राउत ने कहा, "रात के अंधेरे में हमको जाना पड़ा, इतनी भीड़ थी, पांच घंटे हम सड़क पर थे। उसमें कुछ खामियां होंगी, तो दुरुस्त हो जाएंगी। इसमें भाजपा को इतनी नाचने की जरूरत नहीं है। हम भी याचिकाकर्ता हैं और भी लोग हैं। सुप्रिया सुले, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव सहित बहुत याचिकाकर्ता हैं।"
--आईएएनएस
ओपी/पीएम
