20 जुलाई का पंचांग: भगवान शिव और कार्तिकेय की पूजा करना अत्यंत शुभ, दोपहर 12:06 से 12:59 बजे तक अभिजीत मुहूर्त
नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।
20 जुलाई 2026 (सोमवार) को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि सुबह 4:03 बजे तक है। इसके बाद अष्टमी तिथि लग जाएगी। इस दिन भगवान शिव और कार्तिकेय की पूजा करना अत्यंत शुभ होगा।
इस दिन सुबह 5:56 बजे सूर्योदय और शाम 7:10 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, सुबह 11:34 बजे चन्द्रोदय और रात 11:19 बजे चन्द्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को सूर्य पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेगा। जबकि चंद्रमा शाम लगभग 6:39 या 7:09 तक हस्त नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करेगा।
वहीं, 20 जुलाई 2026 (सोमवार) को हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा। इस दिन शाम 6:37 बजे तक शिव योग रहेगा, इसके बाद सिद्धि योग शुरू होगा। सोमवार को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 बजे से लेकर 12:59 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान बिना किसी राहुकाल या अन्य अशुभ समय की चिंता किए कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार शुरू किया जा सकता है।
वहीं, राहुकाल सुबह 7:18 बजे से सुबह 9:01 बजे तक रहेगा, गुलिक काल दोपहर 2:10 से 3:53 बजे तक रहेगा। यमगंड काल सुबह 10:24 से दोपहर 12:05 तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इनको अशुभ समय माना जाता है।
वहीं, 20 जुलाई (सोमवार) को सूर्य कर्क राशि में गोचर करेगा, जबकि चंद्रमा भी मुख्य रूप से कन्या राशि में संचार करेगा। सोमवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।
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