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18 अगस्त का पंचांग: संकटों से मुक्ति के लिए हनुमानजी की करें पूजा, रात 9:18 से 11:01 बजे तक अमृत काल

नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।
 

नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।

18 अगस्त 2026 (मंगलवार) को श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि शाम 5:50 बजे तक है। इसके बाद सप्तमी तिथि लग जाएगी। मंगलवार को कल्कि जयंती है। इस पावन अवसर पर भगवान विष्णु (उनके दसवें अवतार कल्कि रूप) संकटों से मुक्ति के लिए बजरंगबली (हनुमान जी) और मंगलवार होने के कारण मां मंगला गौरी व भगवान कार्तिकेय की पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है।

मंगलवार को सुबह 6:08 बजे सूर्योदय और शाम 6:53 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, सुबह 11:12 बजे चंद्रोदय और शाम 10:26 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, 18 अगस्त 2026 को सूर्य मघा नक्षत्र में विराजमान रहेगा जबकि चंद्रमा स्वाति नक्षत्र में रहेगा।

मंगलवार को हर्षण योग नहीं रहेगा बल्कि अगले सुबह 03:21 बजे तक शुक्ल योग रहेगा। इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से 12:56 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृत काल रात 9:18 से 11:01 बजे तक रहेगा।

वहीं, राहुकाल दोपहर 3:42 बजे से शाम 5:17 बजे और गुलिक काल दोपहर 12:30 से 2:06 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगंड काल सुबह 9:19 से 10:55 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है।

मंगलवार को इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा जबकि चंद्रमा तुला राशि में स्थित रहेगा। उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम