Aapka Rajasthan

150 बार कोशिश के बाद सही हुआ पोज, 'जिद्दी' अलाया एफ ने बताया कितना पुश करना चाहिए

मुंबई, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। फिटनेस को लेकर हमेशा अलर्ट रहने वाली अभिनेत्री अलाया एफ ने हाल ही में सोशल मीडिया पर फैंस संग एक दिलचस्प अनुभव शेयर किया। अलाया ने बताया कि इंस्टाग्राम पर देखे गए एक खास पोज को सही तरीके से करने के लिए उन्हें पूरे 150 बार कोशिश करनी पड़ी।
 
150 बार कोशिश के बाद सही हुआ पोज, 'जिद्दी' अलाया एफ ने बताया कितना पुश करना चाहिए

मुंबई, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। फिटनेस को लेकर हमेशा अलर्ट रहने वाली अभिनेत्री अलाया एफ ने हाल ही में सोशल मीडिया पर फैंस संग एक दिलचस्प अनुभव शेयर किया। अलाया ने बताया कि इंस्टाग्राम पर देखे गए एक खास पोज को सही तरीके से करने के लिए उन्हें पूरे 150 बार कोशिश करनी पड़ी।

‘जवानी जानेमन’ और ‘फ्रेडी’ जैसी फिल्मों में नजर आने वाली अलाया ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो क्लिप पोस्ट किया, जिसमें वह बार-बार उस पोज को करने की कोशिश करती दिख रही हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा कि इस एक्सरसाइज के दौरान उनकी कोहनियों के पास की त्वचा छिल गई और उनका बार-बार जी भी मिचलाने लगा। फिर भी, उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार सफल हो गईं।

अलाया ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह किसी को भी अपनी शारीरिक सीमा से ज्यादा पुश करने की सलाह नहीं दे रही हैं। उन्होंने लिखा, “मैं यहां यह नहीं कह रही हूं कि शरीर पूरी तरह थक जाए तब भी उसे आगे बढ़ाओ। हर व्यक्ति अलग होता है, इसलिए अपने शरीर की बात हमेशा सुनना बहुत जरूरी है।”

अलाया ने इस पोस्ट के जरिए फिटनेस के प्रति अपनी मेहनत और लगन को दिखाया है। साथ ही उन्होंने यह भी मैसेज दिया कि फिटनेस में उत्साह अच्छा है, लेकिन शरीर की सीमाओं का सम्मान करना और भी ज्यादा जरूरी है। उन्होंने आगे जोड़ा कि उनके ट्रेनर्स उन्हें कई नामों से बुलाते हैं, लेकिन उनमें ‘जिद्दी’ उनका सबसे पसंदीदा नाम है। उन्होंने अपने टीचर सुनप्रीत सिंह को धन्यवाद देते हुए लिखा कि वे हमेशा यह ध्यान रखते हैं कि उनकी जिद उनकी सुरक्षा की कीमत पर न आए।

बता दें कि अलाया एफ वीडियो में इनवर्जन पोज का अभ्यास करती नजर आ रही हैं। यह उन आसनों को कहते हैं जिनमें शरीर का सिर हृदय से नीचे की ओर हो जाता है, यानी शरीर उल्टा या आंशिक रूप से उल्टा हो जाता, जैसे शीर्षासन, सर्वांगासन, हलासन, और विपरीत करणी।

इससे सेहत को कई लाभ मिलते हैं। मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ता है, जिससे एकाग्रता और याददाश्त सुधरती है। थकान दूर होती है और मन शांत रहता है। बालों को पोषण मिलता है और चेहरे पर निखार आता है। पाचन तंत्र मजबूत होता है। तनाव और चिंता कम होती है। हालांकि, यह जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में शुरुआती लोग इसे ट्रेनर की देखरेख में ही करें। गर्भवती महिलाएं, हाई ब्लड प्रेशर या गर्दन की समस्या वाले लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए।

--आईएएनएस

एमटी/डीकेपी