14 सितंबर का पंचांग: हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का पर्व एक साथ, भगवान शिव, मां पार्वती और गणेश की पूजा फलदाई
नई दिल्ली, 13 सितंबर (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।
14 सितंबर 2026 (सोमवार) को भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि, सुबह 7:07 बजे तक है। इसके बाद चतुर्थी हो जाएगी। इस वर्ष गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज का पर्व एक साथ पड़ रहा है। इस दिन भगवान शिव, मां पार्वती और गणेश की पूजा करना फलदाई रहेगा।
सोमवार सुबह 6:16 बजे सूर्योदय और शाम 6:28 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, सुबह 8:59 बजे चंद्रोदय और शाम 8:22 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र, जबकि चंद्रमा दोपहर 1:57 बजे तक चित्रा नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेगा।
सोमवार को दोपहर 12:45 बजे तक ब्रह्म योग रहेगा, इसके बाद ऐन्द्र योग शुरू हो जाएगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृत काल सुबह 7:17 से 8:57 बजे तक रहेगा।
वहीं, राहुकाल सुबह 7:48 बजे से 9:19 बजे और गुलिक काल दोपहर 1:53 से 3:25 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, यमगंड काल सुबह 10:51 से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है।
सोमवार को इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा तुला राशि में स्थित रहेगा। पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।
--आईएएनएस
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