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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 14-15 जनवरी को तमिलनाडु का करेंगे दौरा, तिरुप्पुर में मनाएंगे पोंगल

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 14 और 15 जनवरी को तमिलनाडु का दौरा करेंगे। उपराष्ट्रपति 15 जनवरी को तिरुप्पुर में लोगों के साथ थाई पोंगल मनाएंगे। इसके बाद वह कोयंबटूर जाएंगे।
 
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 14-15 जनवरी को तमिलनाडु का करेंगे दौरा, तिरुप्पुर में मनाएंगे पोंगल

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 14 और 15 जनवरी को तमिलनाडु का दौरा करेंगे। उपराष्ट्रपति 15 जनवरी को तिरुप्पुर में लोगों के साथ थाई पोंगल मनाएंगे। इसके बाद वह कोयंबटूर जाएंगे।

मिली जानकारी के अनुसार, उपराष्ट्रपति तिरुप्पुर में पोंगल मनाने के बाद कोयंबटूर जाएंगे। वह केएमसीएच इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज और ओपीडी ब्लॉक, साथ ही केएमसीएच मेडिकल कॉलेज पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट का उद्घाटन करेंगे।

उपराष्ट्रपति कोयंबटूर में श्री रामकृष्ण अस्पताल के गोल्डन जुबली समारोह और रामकृष्ण डेंटल कॉलेज के साथ ही अस्पताल की 25वीं वर्षगांठ में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल होंगे।

वहीं, उपराष्ट्रपति ने मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में नशामुक्त परिसर अभियान का उद्घाटन किया और सभी केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों को इससे जुड़ने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से आग्रह किया कि वे युवाओं को मादक पदार्थों के सेवन से बचाने और 'विकसित भारत' और 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए निरंतर और सामूहिक प्रयास सुनिश्चित करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020, मानसिक स्वास्थ्य, जीवन कौशल और छात्र कल्याण पर जोर देकर एक समग्र दृष्टिकोण को दर्शाती है।

विश्वविद्यालय द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों, छात्र-नेतृत्व वाली पहलों और हितधारकों के सहयोग को एकीकृत करने की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि जब छात्र परिवर्तन के राजदूत बनते हैं तो इसका प्रभाव परिसरों से परे परिवारों और समुदायों तक फैलता है। उन्होंने छात्रों से सतर्क रहने, संकट में फंसे साथियों का समर्थन करने, मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाने और उदाहरण पेश करने का आग्रह किया।

उपराष्ट्रपति (वीपी) सीपी राधाकृष्णन ने 12 जनवरी को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के दीक्षांत समारोह में कहा कि केवल शिक्षा और उचित प्रशिक्षण ही भारत के युवाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में सक्षम बनाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य चरित्र निर्माण करना, बुद्धि को मजबूत करना और व्यक्तियों को अपने पैरों पर खड़े होने के लिए सशक्त बनाना होना चाहिए।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी