महिला आरक्षण विधेयक खारिज होने पर भाजपा बोली- कांग्रेस ने महिलाओं के साथ विश्वासघात किया
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के खारिज होने पर भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस पर महिलाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, "आज पूरे देश ने देखा है कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के पक्ष में कौन है और इसके विरोध में कौन। यह बात अब पूरी तरह से बिना किसी संदेह के साबित हो चुकी है कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है।"
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "हम देश की जनता के पास जाएंगे। कांग्रेस पार्टी के महिला विरोधी रवैये और लोगों को गुमराह करने की उसकी कोशिश को जनता के सामने रखा जाएगा।"
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, "हमें विरोध करने की जरूरत नहीं है। आधी आबादी खुद ही विरोध करेगी। इसमें दशकों की देरी हो चुकी है।"
भाजपा सांसद रवि किशन ने विपक्ष पर महिलाओं के प्रति नफरत का आरोप लगाते हुए कहा, "अब आप चुनावों में देखेंगे कि महिलाएं उन्हें जवाब देंगी। यह कांग्रेस पार्टी महिला-विरोधी है, और इसने दिखा दिया है कि महिलाओं के प्रति इसके मन में कितनी नफरत है।"
भाजपा सांसद अरुण गोविल ने कहा कि अमित शाह ने विधेयक पर हर बात पूरी स्पष्टता के साथ समझाई थी, लेकिन विपक्ष ने पहले से ही योजना बना रखी थी कि वे इस विधेयक को पास नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा, "झूठ बोलने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता। विपक्ष ने यह योजना बना रखी थी।"
भाजपा सांसद धवल पटेल ने कहा, "आज मोगी सरकार द्वारा लोकसभा में एक ऐतिहासिक विधेयक लाया गया था, विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण के लिए, लेकिन पूरे इंडिया गठबंधन ने इसका विरोध किया।"
वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "यह कांग्रेस पार्टी की ओर से स्पष्ट विरोध था। उन्होंने महिलाओं की जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और महिलाओं की गरिमा का पूरी तरह से विरोध किया। आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। यह एक ऐतिहासिक अवसर था, और जिस तरह से जान-बूझकर इसमें बाधा डाली गई, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।"
टीडीपी सांसद बायरेड्डी शबरी ने निराशा जताते हुए कहा, "यह बहुत निराशाजनक है कि यह बिल पास नहीं हो पाया, लेकिन हर किसी को यह समझना चाहिए कि कांग्रेस पार्टी और अन्य पार्टियां महिला आरक्षण या परिसीमन के खिलाफ हैं। हमने देखा है कि राहुल गांधी ने आज प्रधानमंत्री को ‘जादूगर’ कहकर संबोधित किया।"
राज्यसभा के पूर्व सांसद विनय सहस्रबुद्धे ने कहा, "यह एक बहुत ही दुखद विषय है। यह कोई हैरानी की बात नहीं है, क्योंकि इनमें से ज्यादातर पार्टियां पुरुष-प्रधान मानसिकता की गुलाम हैं। ऐसी कई पार्टियां वंशवादी राजनीति पर चलती हैं।"
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस पर बेईमानी का आरोप लगाते हुए कहा, "अगर हम यह कहें कि यह बिला गिर गया है तो यह हमारे देश की महिलाओं का अपमान होगा। यह कांग्रेस की बेईमानी है। भला कोई इससे कैसे संतुष्ट हो सकता है? आधी आबादी के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण। आप आधी आबादी को आधा आरक्षण भी नहीं दे रहे हैं।"
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने इसे लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण दिन बताया। उन्होंने कहा, "यह एक बहुत ही दुखद क्षण है। आज भारत के लोकतंत्र के लिए एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण दिन है। कांग्रेस पार्टी ने एक ऐसे ऐतिहासिक अवसर का विरोध किया है, जिसके माध्यम से हम देश की आधी आबादी, महिलाओं, मातृ शक्ति, को अधिकार और प्रतिनिधित्व दे सकते थे।"
भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष ने महिला आरक्षण को आगे बढ़ाने का सुनहरा मौका गंवा दिया है। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनावों में महिलाएं इस विश्वासघात का जवाब जरूर देंगी।
--आईएएनएस
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