लगातार चुनावों में अपनी हार से परेशान कांग्रेस परिवार पूरे देश को भ्रमित कर रहा : सुधांशु त्रिवेदी
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "लगातार चुनावों में अपनी हार से परेशान होकर निराधार, अनर्गल बातों और मिथ्या वचनों से पूरे देश को भ्रमित करने में संलिप्त हमारे मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के प्रथम परिवार, जिसने पिछली चार पीढ़ियों से लोकतंत्र का गला पकड़कर राजतंत्र का शासन चला रखा है, आज आकाशवाणी में घुसपैठ करने का प्रयास किया। मैं आज लोगों से अनुरोध करूंगा कि आकाशवाणी में बैठे हुए कुंडाधिपति, ईर्ष्याधिपति राहुल गांधी स्वयं और उनके नेताओं की वाणी पर गौर फरमाएं।
अब मेरा कांग्रेस से सीधा सवाल है कि ये सारे वक्तव्य आपके नेताओं के हैं या नहीं? विभिन्न अवसरों पर पिछले कुछ वर्षों में स्वयं राहुल गांधी और उनके वरिष्ठ नेताओं द्वारा कहा गया है कि अनेक जगहों पर वोटर डुप्लीकेशन है। तो हम उनसे पूछना चाहते हैं कि आप 2016, 2018, 2020 और 2021 में सही थे या आज सही हैं? हकीकत तो यह है कि कांग्रेस कल भी झूठ बोल रही थी, आज भी झूठ बोल रही है।"
सुधांशु त्रिवेदी ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटने के आरोप पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जिन 13 करोड़ वोटर्स की बात कर रहे हैं, उनमें से 2.8 करोड़ लोग मृतक, 6.3 करोड़ लोग स्थानांतरित, 1 करोड़ लोग डुप्लीकेट और 3 करोड़ लोग अनुपस्थित हैं। इनमें से भी अगर किसी के पास आधार है, तो वह कागज दिखाकर आ सकता है। मैं कांग्रेस और राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि जब आप 13 करोड़ कहते हैं, तो मृत और डुप्लीकेट वोटर्स को मताधिकार के साथ कैसे जोड़ रहे हैं?"
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "आज, मैं सभी से आग्रह करता हूं कि राहुल गांधी और उनके नेताओं के बयानों को ध्यान से सुनें। कांग्रेस से मेरा सीधा सवाल है: क्या ये बयान आपके नेताओं ने दिए हैं या नहीं? पिछले कुछ वर्षों में कई मौकों पर राहुल गांधी और उनके वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि कई जगहों पर वोटर डुप्लीकेशन (एक ही वोटर का कई जगह नाम होना) की समस्या है। अभिषेक मनु सिंघवी, अशोक गहलोत, सचिन पायलट और कई अन्य प्रमुख नेता भी यही बात कहते रहे हैं। के.सी. वेणुगोपाल भी यही कहते रहे हैं। इसलिए, हम उनसे पूछना चाहते हैं कि क्या आप 2016, 2018, 2020 और 2021 में सही थे या आज सही हैं? कांग्रेस को यह साफ करना चाहिए कि क्या वे तब सच बोल रहे थे या आज सच बोल रहे हैं।"
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "हमारा दूसरा सवाल यह है, जैसे 'कौन बनेगा करोड़पति' है, वैसे ही आज देश के सामने एक सवाल होना चाहिए कि कांग्रेस ने अब तक देश की कितनी संस्थाओं पर आरोप लगाए हैं? एक दर्जन, आधा दर्जन, डेढ़ दर्जन, दो दर्जन? भारतीय सेना से लेकर भारतीय वायु सेना तक, भारत के रक्षा तंत्र से लेकर एलआईसी तक, एचएएएल से लेकर एसबीआई, सेबी और वैक्सीन तक ऐसी कौन सी चीज है जिस पर उन्होंने आरोप नहीं लगाए हैं? भारतीय न्यायपालिका, भारतीय मीडिया? मैं आज देश के सामने कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहता हूं कि इस बात पर एक क्विज प्रतियोगिता होनी चाहिए कि कांग्रेस और खासकर राहुल गांधी ने अब तक कितनी भारतीय संस्थाओं पर आरोप लगाए हैं।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "क्या भारत में ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी सिस्टम की जांच-पड़ताल हो रही है? अलग-अलग क्षेत्रों में पहले भी कई बार ऐसा हुआ है ताकि यह पता लगाया जा सके कि असली लाभार्थियों- यानी जो सच में हकदार हैं, उनको उनका हक मिल रहा है या नहीं। मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद, जब राशन कार्डों की जांच हुई, तो 5.8 करोड़ राशन कार्ड ऐसे लोगों के नाम पर पाए गए जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं था। जब 2019 के बाद मनरेगा के कार्ड्स की जांच हुई, तो 4.45 करोड़ कार्ड ऐसे लोगों के पाए गए जो अस्तित्व में ही नहीं थे और ये मजदूरी पा रहे थे। जिन लोगों ने 5.8 करोड़ राशन खाया, जिन लोगों ने 4.45 करोड़ की मनरेगा मजदूरी खाई, वही लोग डेड और डुप्लीकेट वोटर्स के द्वारा लोकतंत्र खाने का प्रयास कर रहे हैं।"
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "कांग्रेस को हमें बताना चाहिए कि आखिरी एसआईआर 2003 में हुआ था। उससे पहले, आप कितने राज्यों में सत्ता में थे? मैंने यह पहले भी कहा है और मैं इसे दोहरा रहा हूं, उससे पहले ही कांग्रेस उन राज्यों से हमेशा के लिए सत्ता से बाहर हो चुकी थी जहां कुल मिलाकर 228 लोकसभा सीटें थीं। यह सब राजनीति में राहुल गांधी के आने से कांग्रेस को हुए नुकसान से पहले की बात है।"
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "हम राहुल गांधी से पूछना चाहते हैं, आपने कितने विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी के लिए वहां रहकर प्रचार किया है? क्या आप कभी 15 दिन रुके हैं? 10 दिन? या एक सप्ताह भी? जैसा कि गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि वे पश्चिम बंगाल में 25 दिन रहेंगे। मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि वे 2004 के बाद से किसी ऐसे विधानसभा चुनाव का नाम बताएं जिसमें वे किसी एक राज्य में लगातार डेढ़ या दो हफ्ते तक रुके हों।"
--आईएएनएस
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