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'सपा के समर्थन के बिना रायबरेली सीट भी जीत पाओगे या नहीं?', राजनाथ सिंह का राहुल गांधी पर कटाक्ष

लखनऊ, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का मकसद चुनाव सुधार या मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ा नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर देश में अराजकता पैदा करना और सत्ता हासिल करना है।
 

लखनऊ, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का मकसद चुनाव सुधार या मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ा नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर देश में अराजकता पैदा करना और सत्ता हासिल करना है।

उन्होंने राहुल गांधी पर संविधान का हवाला देकर अराजकता फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के इतिहास और चुनाव आयोग को लेकर उसके रुख पर भी सवाल उठाए।

राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी की राजनीतिक ताकत पर सवाल उठाते हुए उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की कमजोर स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में 37 वर्षों से सत्ता से बाहर है। रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना कांग्रेस रायबरेली में अपनी सीट भी जीतने की क्षमता रखती है?

लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में 'रिजीम चेंज' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि विपक्ष की लड़ाई चुनाव सुधार, एसआईआर या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी कवायद के पीछे देश में अस्थिरता पैदा कर सत्ता हासिल करने की साजिश है। कांग्रेस और उसके सहयोगी देश के युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के बजाय उसे नकारात्मक गतिविधियों में लगा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ''मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि 1975 में इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र को सलाखों के पीछे डाल दिया था। उन्होंने लोकतंत्र को कैद कर लिया था। आज राहुल गांधी संविधान को अपनी जेब में रखकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस के इतिहास के पन्ने पलटकर देखिए, आपको कई काले अध्याय मिलेंगे।''

रक्षा मंत्री ने चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए उसके पुराने कार्यकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में चुनाव आयोग को अपने नियंत्रण में रखने की कोशिश की थी। इस संदर्भ में उन्होंने वर्ष 1993 में चुनाव आयोग में किए गए बदलावों और दो नए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति का उल्लेख किया।

राजनाथ सिंह ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव आयुक्त नवीन चावला को पद से हटाने की सिफारिश की थी। रक्षा मंत्री के मुताबिक, गोपालस्वामी ने आरोप लगाया था कि नवीन चावला ने चुनाव आयोग की संवेदनशील जानकारी कांग्रेस नेताओं के साथ साझा की थी। उन्होंने इन आरोपों को गंभीर बताते हुए कांग्रेस से उसके पुराने रिकॉर्ड पर जवाब देने की जरूरत जताई।

--आईएएनएस

विकेटी/एसके