एंटी पेपर लीक बिल 2026 देश की परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता को मजबूत करेगा: भूपेंद्र पटेल
गांधीनगर, 31 जुलाई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में संसद में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' के पारित होने का स्वागत किया। उन्होंने इसे देश भर के लाखों युवा उम्मीदवारों के भविष्य की सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
इस अहम सुधार का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे देश की परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया।
भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। हाल ही में पारित कानून इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसमें परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों को रोकने और योग्य उम्मीदवारों के लिए निष्पक्ष अवसर सुनिश्चित करने के लिए कड़े उपाय किए गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि संशोधित कानून में पेपर लीक रैकेट में शामिल लोगों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है, जिसमें सख्त दंड, भारी जुर्माना, फास्ट-ट्रैक अदालतों के माध्यम से त्वरित सुनवाई और परीक्षा में धोखाधड़ी को रोकने के लिए तकनीक-आधारित सुरक्षा तंत्र शामिल हैं। उम्मीद है कि इन प्रावधानों से सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी।
पटेल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं को 'नए भारत' का असली निर्माता मानते हैं। योग्यता के आधार पर समान अवसर सुनिश्चित करके, यह कानून 'विकसित भारत' के विजन के अनुरूप है और 'अमृत काल' के दौरान छात्रों और नौकरी के उम्मीदवारों के लिए एक निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता-आधारित इकोसिस्टम बनाने का प्रयास करता है।
प्रधानमंत्री के विजन के प्रति गुजरात सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, गुजरात सरकार 'योग्यता सर्वोपरि' के सिद्धांत के प्रति प्रतिबद्ध है और राज्य के युवाओं के लिए उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करते हुए एक पारदर्शी परीक्षा और भर्ती प्रणाली सुनिश्चित करने की दिशा में काम करती रहेगी।
--आईएएनएस
एमएस/
